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मिशन कोशिश की व्यवस्थाएं जांची
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
मिशन कोशिश के तहत इस माह के अंतिम दो दिनों में होने वाली मासिक परीक्षा से पूर्व तैयारियों को लेकर शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के मेंटर अरुण थपलियाल ने प्रखंड के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे डायट मेंटर अरुण थपलियाल ने शिक्षकों को परीक्षा से पूर्व संपूर्ण तैयारी कराने की सलाह दी। उन्होंने प्रावि हरबर्टपुर, कन्या जूनियर हाई स्कूल हरबर्टपुर, प्रावि विकासनगर प्रथम, प्रावि डांडापुर, प्रावि तिपरपुर, जूहा स्कूल तिपरपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मासिक परीक्षा की तैयारी का आकलन करने के लिए नौनिहालों से सवाल जवाब किए। बताया कि विद्यालयों में शैक्षिक संप्राप्ति का स्तर जांचने के साथ ही हाल ही में हुए नए प्रवेश की जानकारी भी ली गई। साथ ही शिक्षकों को पहली मासिक परीक्षा के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम की जानकारी दी गई। बताया कि विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं दुीरुस्त पाई गईं। हालांकि, छात्र संख्या कम होने पर उन्होंने चिंता जताते हुए शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व प्रत्येक विद्यालय में छात्र संख्या 50 तक पहुंचाने की सलाह दी।
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मिशन कोशिश के तहत इस माह के अंतिम दो दिनों में होने वाली मासिक परीक्षा से पूर्व तैयारियों को लेकर शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के मेंटर अरुण थपलियाल ने प्रखंड के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे डायट मेंटर अरुण थपलियाल ने शिक्षकों को परीक्षा से पूर्व संपूर्ण तैयारी कराने की सलाह दी। उन्होंने प्रावि हरबर्टपुर, कन्या जूनियर हाई स्कूल हरबर्टपुर, प्रावि विकासनगर प्रथम, प्रावि डांडापुर, प्रावि तिपरपुर, जूहा स्कूल तिपरपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मासिक परीक्षा की तैयारी का आकलन करने के लिए नौनिहालों से सवाल जवाब किए। बताया कि विद्यालयों में शैक्षिक संप्राप्ति का स्तर जांचने के साथ ही हाल ही में हुए नए प्रवेश की जानकारी भी ली गई। साथ ही शिक्षकों को पहली मासिक परीक्षा के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम की जानकारी दी गई। बताया कि विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं दुीरुस्त पाई गईं। हालांकि, छात्र संख्या कम होने पर उन्होंने चिंता जताते हुए शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व प्रत्येक विद्यालय में छात्र संख्या 50 तक पहुंचाने की सलाह दी।
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