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आसान नहीं बस्ते का बोझ कम करने के आदेश पर अमल

Fri, 26 Apr 2019 01:38 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 26 Apr 2019 01:38 AM IST
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आसान नहीं बस्ते का बोझ कम करने के आदेश पर अमल
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
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शासन ने नौनिहालों के बस्ते का बोझ कम करने का आदेश तो दे दिया, लेकिन इस पर अमल करा पाना आसान नहीं है। वह भी तब जबकि शासन को पूर्व में फीस निर्धारण एक्ट को लेकर बैकफुट पर आना पड़ा हो।
वहीं, इस मसले पर पब्लिक स्कूलों का कहना है कि अभी आदेश नहीं मिला है, आदेश के सभी व्यावहारिक और तकनीकी पहलुओं के अध्ययन के बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा। बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने और होमवर्क से छुट्टी का शासन का आदेश भले बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए राहत देने वाला हो, लेकिन इस पर अमल करा पाना उतना आसान नहीं हैं। सरकार की ओर से पूर्व में भी फीस निर्धारण एक्ट बनाकर पब्लिक स्कूलों में फीस वृद्धि पर रोक लगाने के असफल प्रयास किए जा चुके हैं। वर्ष 2015-16 में शासन की ओर से फीस निर्धारण एवं शिकायत निवारण एक्ट का प्रारुप तैयार कर लिया गया था, इस एक्ट के मुताबिक पब्लिक स्कूल निर्धारित फीस से अधिक फीस नहीं ले सकते थे। वहीं, इस एक्ट के बनने से इन स्कूलों के शिक्षकों को भी तय मानदेय मिलता, लेकिन पब्लिक स्कूलों की नाराजगी के चलते एक्ट को लेकर शासन को बैकफुट पर आना पड़ा था। अब शासन की ओर से नौनिहालों के बस्ते के बोझ को कम करने के लिए मद्रास उच्च न्यायायल में दाखिल याचिका पर फैसले का हवाला देते हुए शिक्षा निदेशक को मामले में कार्रवाई का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि कक्षा एक से दो में भाषा और गणित के अलावा बच्चों को कुछ न पढ़ाया जाए एवं कक्षा तीन से पांच तक भाषा, गणित व पर्यावरण विज्ञान के अलावा कोई विषय न पढ़ाया जाए। -----
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पब्लिक स्कूलों पर आदेशों को जबरन थोपा जा रहा है। पब्लिक स्कूलों को विश्वास में लिए बगैर कोई आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए। पहले एनसीईआरटी की किताबों को लेकर आदेश थोप दिया गया। अब एक और आदेश की बात की जा रही है। हमें अभी यह आदेश मिला नहीं है, इसके अध्ययन के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। -लेफ्टिनेंट कर्नल कादिर हुसैन, संरक्षक पछवादून सौहदय कांप्लेक्स
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पब्लिक स्कूलों में मनमानी फीस पर रोक लग सके इसके लिए पूर्व में फीस निर्धारण एक्ट का प्रारुप तैयार हो चुका था, लेकिन अब तक यह एक्ट नहीं बन पाया। बच्चों के बस्ते के बोझ को कम करने के आदेश के मामले में भी जब तक जुर्माने की व्यवस्था नहीं होगी, आदेश को अमल करा पाना आसान नहीं होगा। -एमसी जोशी, पूर्व शिक्षा सचिव
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शासन के आदेश को हर हाल में लागू कराया जाएगा। आदेश का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -बीपी सिंह, बीईओ विकासनगर
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