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एम्स प्रशासन ने गुपचुप तरीके से कराए दर्शन
Updated Sat, 13 Oct 2018 02:01 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। स्वामी सांनद की दर्शन के लिए शुक्रवार को उनके अुनयायी और सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह ‘जलपुरुष’ एम्स में पहुंचे। इस दौरान एम्स प्रशासन ने स्वामी सानंद से दर्शन कराने से साफ इनकार दिया। जिस पर राजेंद्र व अनुयायी बिफर गए। उन्होंने एम्स निदेशक कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना दिया। वहीं धरने के बाद गुपचुप तरीके से स्वामी सानंद के परिजनों व राजेंद्र सिंह को दर्शन कराए गए। हालांकि, एम्स प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
राजेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की गंगा स्वच्छता से जुड़ी नमामि गंगे परियोजना में 20 हजार करोड़ रुपए आवंटन पर सवाल उठाए। कहा कि गंगा के नाम पैसे की लूट चल रही है। गंगा के सरंक्षण को मजबूत कानून की जरूरत है, जिसके लिए यह लड़ाई चल रही है। राजेंद्र ने कहा कि देश में लोकतंत्र है और इसकी हत्या नहीं की जा सकती है। कहा कि गंगा को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य है, जिसे पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
हमें अंतिम दर्शन करवा दें...शव का मसला मातृ सदन और एम्स जाने
ऋषिकेश। अंतिम दर्शन को आए प्रो. जीडी अग्रवाल के परिजनों ने एम्स प्रबंधन से कहा कि हमारी आखिरी अभिलाष पूरी हो जाने दीजिए। शव का मसला मातृ सदन और एम्स प्रबंधन जाने। स्वामी सानंद के भतीजे अभिषेक स्वरूप ने कहा कि हमें एम्स से कोई शिकायत नहीं है। स्वामी सानंद की भाभी ने कहा कि हमें उनके निधन से बड़ी हानि हुई है। इतना कहकर वो फफक पड़ीं और इससे आगे कुछ नहीं बोल पाईं। अभिषेक स्वरूप ने बताया कि पांच भाइयों में स्वामी सानंद सबसे बड़े थे। उनके बाद स्व. ओम प्रकाश गुप्ता, स्व. निर्विकार स्वरूप, निरंजन स्वरूप, उत्तम स्वरूप और इकलौती बहन स्नेहलता हैं। उत्तम स्वरूप का करीब 15 दिन पहने निधन हुआ। इससे स्वामी सानंद काफी दुखी थे।
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ऋषिकेश। स्वामी सांनद की दर्शन के लिए शुक्रवार को उनके अुनयायी और सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह ‘जलपुरुष’ एम्स में पहुंचे। इस दौरान एम्स प्रशासन ने स्वामी सानंद से दर्शन कराने से साफ इनकार दिया। जिस पर राजेंद्र व अनुयायी बिफर गए। उन्होंने एम्स निदेशक कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना दिया। वहीं धरने के बाद गुपचुप तरीके से स्वामी सानंद के परिजनों व राजेंद्र सिंह को दर्शन कराए गए। हालांकि, एम्स प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
राजेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की गंगा स्वच्छता से जुड़ी नमामि गंगे परियोजना में 20 हजार करोड़ रुपए आवंटन पर सवाल उठाए। कहा कि गंगा के नाम पैसे की लूट चल रही है। गंगा के सरंक्षण को मजबूत कानून की जरूरत है, जिसके लिए यह लड़ाई चल रही है। राजेंद्र ने कहा कि देश में लोकतंत्र है और इसकी हत्या नहीं की जा सकती है। कहा कि गंगा को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य है, जिसे पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
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हमें अंतिम दर्शन करवा दें...शव का मसला मातृ सदन और एम्स जाने
ऋषिकेश। अंतिम दर्शन को आए प्रो. जीडी अग्रवाल के परिजनों ने एम्स प्रबंधन से कहा कि हमारी आखिरी अभिलाष पूरी हो जाने दीजिए। शव का मसला मातृ सदन और एम्स प्रबंधन जाने। स्वामी सानंद के भतीजे अभिषेक स्वरूप ने कहा कि हमें एम्स से कोई शिकायत नहीं है। स्वामी सानंद की भाभी ने कहा कि हमें उनके निधन से बड़ी हानि हुई है। इतना कहकर वो फफक पड़ीं और इससे आगे कुछ नहीं बोल पाईं। अभिषेक स्वरूप ने बताया कि पांच भाइयों में स्वामी सानंद सबसे बड़े थे। उनके बाद स्व. ओम प्रकाश गुप्ता, स्व. निर्विकार स्वरूप, निरंजन स्वरूप, उत्तम स्वरूप और इकलौती बहन स्नेहलता हैं। उत्तम स्वरूप का करीब 15 दिन पहने निधन हुआ। इससे स्वामी सानंद काफी दुखी थे।
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