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प्राइमरी स्कूल में दो दिन से लटका ताला, छात्र परेशान
Updated Fri, 03 Aug 2018 02:21 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
चकराता प्रखंड के दुर्गम में स्थित प्राइमरी स्कूल कूणा-कोटी बावर में दो दिन से ताले लटके हुए हैं। छात्र रोजाना शिक्षक की आस में स्कूल आते हैं और कुछ देर इंतजार करने के बाद वापस लौट जाते हैं। बृहस्पतिवार को भी शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे तो अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। फोन पर शिक्षकों की शिकायत जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हेमलता भट्ट से की। उन्होंने मामले की जांच कर अभिभावकों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
स्कूल में अध्ययनरत 22 छात्रों पर दो शिक्षकों की तैनाती की गई है। जिसमें एक शिक्षा मित्र और एक प्रधानाध्यापक है। अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षा मित्र दो दिन के अवकाश पर हैं बावजूद प्रधानाध्यापक स्कूल नहीं आ रहे हैं। स्कूल महज भोजनमाता के सहारे छोड़ा हुआ है। छात्र स्कूल आते हैं, गुरु जी का इंतजार करते हैं और मध्याह्न भोजन योजना खाकर घर चले जाते हैं। छात्रों का पठन-पाठन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। ग्राम प्रधान रघुवीर सिंह पंवार, कुलदीप, चमन, हरीश, पातीराम, कर्मदास आदि का कहना है कि जब तक नदारद प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और कोई सक्षम अधिकारी स्कूल में आकर ग्रामीणों की समस्या को नहीं सुनता स्कूल नहीं चलने दिया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हेमलता भट्ट ने बताया कि मामले में उप शिक्षाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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चकराता प्रखंड के दुर्गम में स्थित प्राइमरी स्कूल कूणा-कोटी बावर में दो दिन से ताले लटके हुए हैं। छात्र रोजाना शिक्षक की आस में स्कूल आते हैं और कुछ देर इंतजार करने के बाद वापस लौट जाते हैं। बृहस्पतिवार को भी शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे तो अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। फोन पर शिक्षकों की शिकायत जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हेमलता भट्ट से की। उन्होंने मामले की जांच कर अभिभावकों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
स्कूल में अध्ययनरत 22 छात्रों पर दो शिक्षकों की तैनाती की गई है। जिसमें एक शिक्षा मित्र और एक प्रधानाध्यापक है। अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षा मित्र दो दिन के अवकाश पर हैं बावजूद प्रधानाध्यापक स्कूल नहीं आ रहे हैं। स्कूल महज भोजनमाता के सहारे छोड़ा हुआ है। छात्र स्कूल आते हैं, गुरु जी का इंतजार करते हैं और मध्याह्न भोजन योजना खाकर घर चले जाते हैं। छात्रों का पठन-पाठन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। ग्राम प्रधान रघुवीर सिंह पंवार, कुलदीप, चमन, हरीश, पातीराम, कर्मदास आदि का कहना है कि जब तक नदारद प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और कोई सक्षम अधिकारी स्कूल में आकर ग्रामीणों की समस्या को नहीं सुनता स्कूल नहीं चलने दिया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हेमलता भट्ट ने बताया कि मामले में उप शिक्षाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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