फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   करोड़ों के श्मशान घाट पर बरसात में नहीं हो पाएंगे शव दाह

करोड़ों के श्मशान घाट पर बरसात में नहीं हो पाएंगे शव दाह

Mon, 16 Jul 2018 02:24 AM IST
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
करोड़ों के श्मशान घाट पर बरसात में नहीं हो पाएंगे शव दाह
ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
विज्ञापन

यमकेश्वर ब्लॉक स्थित फूलचट्टी संगम पर नमामि गंगे योजना के अंतर्गत ढाई करोड़ से नवनिर्मित श्मशान घाट का इस्तेमाल स्थानीय लोग बरसात के समय शव दाह के लिए नहीं कर पाएंगे। वजह एजेंसी ने घाट तक वैकल्पिक मार्ग की कोई व्यवस्था नहीं की है। गंगा के किनारे बनाए गए स्नान घाट से श्मशानघाट तक जो संपर्क मार्ग बनाया है, वह बरसात के समय जलमग्न हो जाएगा। लिहाजा स्थानीय लोगों को वर्षाकाल में शव दाह के लिए फिर से पैतृक श्मशान घाटों में ही जाना पड़ेगा।
फूलचट्टी स्थित गंगा व हेंवल नदी के संगम पर निर्माण एजेंसी वेबकॉस ने योजना के तहत श्मशानघाट का निर्माण किया है। घाट तक पहुंचने के लिए यहां बने स्नानघाट से श्मशान घाट तक गंगा के किनारे सीसी मार्ग बनाया गया है, मगर दूसरे किसी वैकल्पिक मार्ग का निर्माण नहीं किया। ऐसे में वर्षाकाल में गंगा का जलस्तर बढ़ने से श्मशानघाट के लिए बने सीसी मार्ग वाला हिस्सा जलमग्न हो जाएगा, जिससे लोग श्मशान घाट तक शव दाह के लिए नहीं पहुंच पाएंगे। लक्ष्मणझूला-कांडी हाईवे से श्मशानघाट तक पहुंचने के लिए एजेंसी ने एक अन्य वैकल्पिक मार्ग बनाने की बात कही थी, मगर इसका निर्माण नहीं किया गया।
विज्ञापन


नाले का नहीं किया ट्रीटमेंट, हो सकता है घाट को क्षति
निर्माण एजेंसी ने संगम पर करीब ढाई करोड़ की लागत से श्मशान घाट का निर्माण तो किया, मगर इसके समीप से गिर रहे बरसाती नाले का ट्रीटमेंट नहीं किया। ऐसे में बरसात के समय यदि नाले में अत्यधिक पानी और मलबा आता है, तो इससे नवनिर्मित घाट को क्षति पहुंच सकती है। बावजूद इसके एजेंसी इसके ट्रीटमेंट पर अब भी विचार नहीं कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शव दाह के लिए करना होगा बारी का इंतजार
फूलचट्टी संगम यमकेश्वर व द्वारीखाल प्रखंड के करीब चार से पांच सौ गांवों का पैतृक श्मशान घाट है। निर्माण एजेंसी ने ढाई करोड़ की लागत से बने इस श्मशान घाट पर एक समय में महज एक शव दाह की व्यवस्था की हुई है। ऐसे में यदि यहां पर एक से अधिक शव दाह के लिए लाए जाते हैं तो दूसरे शव के दाह संस्कार के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना होगा।


इलेक्ट्रिक हीटर शव दाह की व्यवस्था नहीं
फूलचट्टी में योजना के तहत बनाए गए घाट के लिए निर्माण एजेंसी द्वारा लकड़ी के साथ ही इलेक्ट्रिक शवदाह गृह बनाने की बात कही गई थी, इतना ही नहीं इसके लिए बाकायदा रत्तापानी क्षेत्र से 11 हजार केवी बिजली की लाइन बिछाने के लिए पोल लगाए जा चुके हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा ने बताया कि बावजूद इसके एजेंसी ने घाट तक इलेक्ट्रिक शव दाह के लिए कहीं कोई व्यवस्था नहीं की है। ऐसे में योजना के निर्माण में गोलमाल की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed