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15 हजार युवाओं के सामने रोजी रोटी का संकट
Updated Sun, 24 Jun 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश/मुनिकीरेती।
राफ्टिंग संचालन पर रोक लगाने के आदेश के बाद व्यवसाय से जुड़े करीब 15 हजार लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। पाबंदी से रीवर राफ्टिंग उद्योग से जुड़ी 281 कंपनियों से संबद्घ लगभग 15 हजार युवा प्रभावित होंगे, जिन्हें साहसिक गतिविधियों के जरिए रोजगार मिला है। उत्तरांचल फाइनेस्ट आउटडोर (यूएफओ) के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि राफ्टिंग नियमावली को लेकर सरकार को हाईकोर्ट में ठोस पैरवी करनी चाहिए। वर्तमान में बेरोजगारी के कारण पहाड़ों में युवाओं का पलायन रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे पहाड़ वीरान होते जा रहे हैं।
तीर्थनगरी ऋषिकेश में एकमात्र राफ्टिंग उद्योग ने टिहरी व पौड़ी जिले के युवाओं को रोजगार से जोड़कर काफी हद तक युवाओं के पलायन को रोकने का कार्य किया है, लेकिन राफ्ट व्यवसाय बंद होने के कारण उक्त सभी युवाओं के सामने एक बार फिर से रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। उनका कहना है कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है तो राफ्टिंग कंपनियों में रोजगार से जुड़े युवाओं के सामने दूसरे शहरों की ओर पलायन करने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचता है। उन्होंने बताया कि यदि सरकार ने हाईकोर्ट में राफ्टिंग व्यवसायियों का ठोस पक्ष नहीं रखा तो राफ्टिंग एसोसिएशन कोर्ट में जाने पर विचार करेगी।
सरकार ले सकारात्मक निर्णय
राफ्टिंग एसोसिएशन क्या निर्णय लेती है, उस पर विचार किया जाएगा, तीर्थनगरी का सबसे बड़ा उद्योग अचानक बंद होने से युवाओं के सामने बेरोजगारी की समस्या खड़ी हो गई है। उम्मीद है इस पर सरकार कोई सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे इस उद्योग को बचाया जा सके।
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- अमित बडोनी, रीवर रॉक्स एडवेंचर।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद राफ्टिंग व्यवसायियों का व्यवसाय बंद हो गया है। सरकार ऐसी स्थिति में क्या नीति बनाती है, उसके बाद की कोई कदम उठाया जाएगा। सरकार को बेरोजगार होने वाले लोगों की तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
- अमनदीप डबराल, वाइल्ड डिस्कवरी एडवेंचर।
लगभग 26 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हैं। अचानक हाईकोर्ट के आदेश के बाद व्यवसाय बंद हो गया है। ऐसे में राज्य सरकार को हाईकोर्ट में राफ्टिंग व्यवसायियों की ओर से ठोस पैरवी करनी चाहिए, जिससे बेरोजगार युवा रोजगार से जुड़े रहें।
- अतुल बहुगुणा, गढ़वाल एडवेंचर।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राफ्टिंग व्यवसायियों के सामने परिवार के भरण पोषण का संकट पैदा हो गया है। एसोसिएशन व्यवसायियों के हित में राज्य सरकार से वार्ता करेगी। एनजीटी के आदेश पर पहले बीच कैंपों को बंद कर दिया गया और अब व्यवसाय को भी पूरी तरह ठप कर दिया गया है।
- लोहित कुमार, रुद्राक्ष एडवेंचर।
हाईकोर्ट ने रीवर राफ्टिंग पर रोक लगा दी है, इस पर राज्य सरकार अगर कोई ठोस पैरवी नहीं करती है तो एसोसिएशन के बैनर तले आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए योजना तैयार की जाएगी।
- सुनील चौधरी, ग्रीन व्यू एडवेंचर।
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राफ्टिंग संचालन पर रोक लगाने के आदेश के बाद व्यवसाय से जुड़े करीब 15 हजार लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। पाबंदी से रीवर राफ्टिंग उद्योग से जुड़ी 281 कंपनियों से संबद्घ लगभग 15 हजार युवा प्रभावित होंगे, जिन्हें साहसिक गतिविधियों के जरिए रोजगार मिला है। उत्तरांचल फाइनेस्ट आउटडोर (यूएफओ) के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि राफ्टिंग नियमावली को लेकर सरकार को हाईकोर्ट में ठोस पैरवी करनी चाहिए। वर्तमान में बेरोजगारी के कारण पहाड़ों में युवाओं का पलायन रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे पहाड़ वीरान होते जा रहे हैं।
तीर्थनगरी ऋषिकेश में एकमात्र राफ्टिंग उद्योग ने टिहरी व पौड़ी जिले के युवाओं को रोजगार से जोड़कर काफी हद तक युवाओं के पलायन को रोकने का कार्य किया है, लेकिन राफ्ट व्यवसाय बंद होने के कारण उक्त सभी युवाओं के सामने एक बार फिर से रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। उनका कहना है कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है तो राफ्टिंग कंपनियों में रोजगार से जुड़े युवाओं के सामने दूसरे शहरों की ओर पलायन करने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचता है। उन्होंने बताया कि यदि सरकार ने हाईकोर्ट में राफ्टिंग व्यवसायियों का ठोस पक्ष नहीं रखा तो राफ्टिंग एसोसिएशन कोर्ट में जाने पर विचार करेगी।
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सरकार ले सकारात्मक निर्णय
राफ्टिंग एसोसिएशन क्या निर्णय लेती है, उस पर विचार किया जाएगा, तीर्थनगरी का सबसे बड़ा उद्योग अचानक बंद होने से युवाओं के सामने बेरोजगारी की समस्या खड़ी हो गई है। उम्मीद है इस पर सरकार कोई सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे इस उद्योग को बचाया जा सके।
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- अमित बडोनी, रीवर रॉक्स एडवेंचर।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद राफ्टिंग व्यवसायियों का व्यवसाय बंद हो गया है। सरकार ऐसी स्थिति में क्या नीति बनाती है, उसके बाद की कोई कदम उठाया जाएगा। सरकार को बेरोजगार होने वाले लोगों की तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
- अमनदीप डबराल, वाइल्ड डिस्कवरी एडवेंचर।
लगभग 26 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हैं। अचानक हाईकोर्ट के आदेश के बाद व्यवसाय बंद हो गया है। ऐसे में राज्य सरकार को हाईकोर्ट में राफ्टिंग व्यवसायियों की ओर से ठोस पैरवी करनी चाहिए, जिससे बेरोजगार युवा रोजगार से जुड़े रहें।
- अतुल बहुगुणा, गढ़वाल एडवेंचर।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राफ्टिंग व्यवसायियों के सामने परिवार के भरण पोषण का संकट पैदा हो गया है। एसोसिएशन व्यवसायियों के हित में राज्य सरकार से वार्ता करेगी। एनजीटी के आदेश पर पहले बीच कैंपों को बंद कर दिया गया और अब व्यवसाय को भी पूरी तरह ठप कर दिया गया है।
- लोहित कुमार, रुद्राक्ष एडवेंचर।
हाईकोर्ट ने रीवर राफ्टिंग पर रोक लगा दी है, इस पर राज्य सरकार अगर कोई ठोस पैरवी नहीं करती है तो एसोसिएशन के बैनर तले आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए योजना तैयार की जाएगी।
- सुनील चौधरी, ग्रीन व्यू एडवेंचर।