{"_id":"5b0f0e764f1c1b936e8b59a3","slug":"152771340410-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलदार के आबादी में दिखने से बढ़ी दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलदार के आबादी में दिखने से बढ़ी दहशत
Updated Thu, 31 May 2018 02:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला
रायवाला।
राजाजी टाईगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज में सक्रिय गुलदारों के आतंक से त्रस्त ग्रामीणों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। बीती रात आबादी क्षेत्र मेें एक साथ दो गुलदारों के घुसने की घटना ने ग्रामीणों में दहशत बढ़ा दी है।
राजाजी पार्क की सीमा से सटे गांवों के लोगों को गुलदार की दहशत से राहत नहीं मिल रही है। आदमखोर को मारने के आदेश के बाद भी गुलदार तक पहुंचने में नाकाम राजाजी टाईगर रिजर्व की टीमों को गुलदार का इंतजार करना पड़ रहा है। गुलदार के लिए बिछाए गए जाल मसलन मानवीय डमी, पिंजरों और कैमरा ट्रैप सब धरे के धरे रह गए हैं। गुलदार ताक पर बैठी टीमों से बचकर जंगल की अन्य सीमा से सटे आबादी क्षेत्रों में घुसकर वारदात को अंजाम देने की फिराक में देखा गया है। सोमवार की देरशाम की हरकत में आए राजाजी टाईगर रिजर्व निदेशक ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए देररात तक जंगल में घुसकर कांबिंग अभियान चलाया था। मगर टीम को गुलदार कहीं नजर नहीं आया।
बफर जोन की उठने लगी मांग
रायवाला। राजाजी की सीमा से सटे आबादी को बफर जोन घोषित करने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने गुहार लगाई गई। गुलदार चार वर्षों में 19 लोगों को शिकार बना चुका है। इको विकास समिति के अध्यक्ष राजेश जुगलान और गौहरीमाफी के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भगवती सेमवाल की ओर से मोतीचूर रेंज की सीमा को बफर जोन घोषित किए जाने की गुहार लगाई गई है। राजेश जुगलान की ओर से सांसद हरिद्वार रमेश पोखरियाल निशंक को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की गई। जबकि भगवती सेमवाल की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को क्षेत्र में अब तक की वारदातों से अवगत कराते हुए रिहायशी इलाके व पार्क सीमा क्षेत्र को बफर जोन घोषित करने की मांग की गई।
विज्ञापन
कैमरे में नजर आया गुलदार
रायवाला। राजाजी निदेशक सनातन सोनकर ने बताया कि डाडा चौकी में आदमखोर गुलदार की पहचान मोतीचूर-चीला कोरिडोर पर कैमरा ट्रैप पर देखी गई है। जिसके बाद से टीमों को उसी क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है।
विज्ञापन
रायवाला।
राजाजी टाईगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज में सक्रिय गुलदारों के आतंक से त्रस्त ग्रामीणों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। बीती रात आबादी क्षेत्र मेें एक साथ दो गुलदारों के घुसने की घटना ने ग्रामीणों में दहशत बढ़ा दी है।
राजाजी पार्क की सीमा से सटे गांवों के लोगों को गुलदार की दहशत से राहत नहीं मिल रही है। आदमखोर को मारने के आदेश के बाद भी गुलदार तक पहुंचने में नाकाम राजाजी टाईगर रिजर्व की टीमों को गुलदार का इंतजार करना पड़ रहा है। गुलदार के लिए बिछाए गए जाल मसलन मानवीय डमी, पिंजरों और कैमरा ट्रैप सब धरे के धरे रह गए हैं। गुलदार ताक पर बैठी टीमों से बचकर जंगल की अन्य सीमा से सटे आबादी क्षेत्रों में घुसकर वारदात को अंजाम देने की फिराक में देखा गया है। सोमवार की देरशाम की हरकत में आए राजाजी टाईगर रिजर्व निदेशक ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए देररात तक जंगल में घुसकर कांबिंग अभियान चलाया था। मगर टीम को गुलदार कहीं नजर नहीं आया।
विज्ञापन
बफर जोन की उठने लगी मांग
रायवाला। राजाजी की सीमा से सटे आबादी को बफर जोन घोषित करने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने गुहार लगाई गई। गुलदार चार वर्षों में 19 लोगों को शिकार बना चुका है। इको विकास समिति के अध्यक्ष राजेश जुगलान और गौहरीमाफी के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भगवती सेमवाल की ओर से मोतीचूर रेंज की सीमा को बफर जोन घोषित किए जाने की गुहार लगाई गई है। राजेश जुगलान की ओर से सांसद हरिद्वार रमेश पोखरियाल निशंक को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की गई। जबकि भगवती सेमवाल की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को क्षेत्र में अब तक की वारदातों से अवगत कराते हुए रिहायशी इलाके व पार्क सीमा क्षेत्र को बफर जोन घोषित करने की मांग की गई।
विज्ञापन
कैमरे में नजर आया गुलदार
रायवाला। राजाजी निदेशक सनातन सोनकर ने बताया कि डाडा चौकी में आदमखोर गुलदार की पहचान मोतीचूर-चीला कोरिडोर पर कैमरा ट्रैप पर देखी गई है। जिसके बाद से टीमों को उसी क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है।