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स्कूल की छत से गिरा प्लास्टर
Updated Thu, 12 Apr 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
राजकीय इंटर कॉलेज लाखामंडल में उस समय एक बड़ा हादसा होने से टल गया। जब स्कूल की छत का प्लास्टर भरभरा कर नीचे आ गिरा। हादसा उस समय हुआ जब स्कूल में इंटरवल चल रहा था। छात्र बाहर मैदान में खेल रहे थे। गनीमत यह रही कि कोई भी प्लास्टर की चपेट में नहीं आया।
वर्ष 2006 में स्कूल भवन का निर्माण किया गया। वर्तमान में स्कूल में 400 छात्र हैं। बुधवार को बारिश के बीच सुबह 9:30 बजे भवन का प्लास्टर भरभरा कर नीचे आ गिरा। इस दौरान कुछ छात्र कक्षाओं के बाहर खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार कर रहे थे। तभी कक्षा छह, सात, आठ और नौ कक्षाओं के बाहर आंगन के पास छत का प्लास्टर भरभरा कर नीचे आ गिरा। समाज सेवी बचना शर्मा, प्रधान सुरेश शर्मा, ओम प्रकाश आदि का कहना है कि भवन निर्माण के समय भी अभिभावकों ने घटिया गुणवत्ता का मुद्दा उठाया था। लेकिन उस समय विभाग ने अभिभावकों की बात को दरकिनार कर भवन का हैंडओवर ले लिया। इसके चलते अब 12 साल के अल्प समय में ही छत का प्लास्टर नीचे झड़ने लगा है। छात्रों को डर के साए में पढ़ाई करनी पड़ रही है। बीईओ डॉ. एस चंद्रा ने बताया कि मामले में प्रधानाचार्य से रिपोर्ट मांगी गई है।
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राजकीय इंटर कॉलेज लाखामंडल में उस समय एक बड़ा हादसा होने से टल गया। जब स्कूल की छत का प्लास्टर भरभरा कर नीचे आ गिरा। हादसा उस समय हुआ जब स्कूल में इंटरवल चल रहा था। छात्र बाहर मैदान में खेल रहे थे। गनीमत यह रही कि कोई भी प्लास्टर की चपेट में नहीं आया।
वर्ष 2006 में स्कूल भवन का निर्माण किया गया। वर्तमान में स्कूल में 400 छात्र हैं। बुधवार को बारिश के बीच सुबह 9:30 बजे भवन का प्लास्टर भरभरा कर नीचे आ गिरा। इस दौरान कुछ छात्र कक्षाओं के बाहर खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार कर रहे थे। तभी कक्षा छह, सात, आठ और नौ कक्षाओं के बाहर आंगन के पास छत का प्लास्टर भरभरा कर नीचे आ गिरा। समाज सेवी बचना शर्मा, प्रधान सुरेश शर्मा, ओम प्रकाश आदि का कहना है कि भवन निर्माण के समय भी अभिभावकों ने घटिया गुणवत्ता का मुद्दा उठाया था। लेकिन उस समय विभाग ने अभिभावकों की बात को दरकिनार कर भवन का हैंडओवर ले लिया। इसके चलते अब 12 साल के अल्प समय में ही छत का प्लास्टर नीचे झड़ने लगा है। छात्रों को डर के साए में पढ़ाई करनी पड़ रही है। बीईओ डॉ. एस चंद्रा ने बताया कि मामले में प्रधानाचार्य से रिपोर्ट मांगी गई है।
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