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ल्वाणी गांव के ग्रामीण करेंगे चाय की खेती
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:11 PM IST
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गोपेश्वर। देवाल ब्लाक के ल्वाणी गांव में ग्रामीण अब परंपरागत खेती के साथ चाय बागान से अपनी आर्थिकी को मजबूत करेंगे। उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड ने गांव में 510 नाली भूमि पर चाय बागान स्थापित करने की संस्तुति दे दी है।
देवाल-मुंदोली मोटर मार्ग पर स्थित ल्वाणी गांव में अभी 76 परिवार रहते हैं। ग्रामीणों ने उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड अल्मोड़ा से गांव में निजी कृषि भूमि पर चाय बागान स्थापित करने की इच्छा जताई थी, जिस पर बोर्ड ने अपनी संस्तुति दे दी है। ग्राम प्रधान महेशी देवी, मोहन सिंह और खरक सिंह ने बताया कि गांव में पर्याप्त कृषि भूमि है। गांव से फराली तोक कुछ दूरी पर है, जिससे ग्रामीण यहां काश्तकारी नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने 510 नाली भूमि पर चाय बागान शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे क्षेत्र के पलायन पर भी रोक लगेगी और गरीब और असहाय लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा। इधर, बोर्ड के निदेशक डा. बीएस नेगी ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर ल्वाणी गांव में चाय बागान स्थापित किया जाएगा। चाय बागान नौटी (चमोली) के प्रबंधक को जल्द ही गांव में भूमि का निरीक्षण कर मृदा नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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देवाल-मुंदोली मोटर मार्ग पर स्थित ल्वाणी गांव में अभी 76 परिवार रहते हैं। ग्रामीणों ने उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड अल्मोड़ा से गांव में निजी कृषि भूमि पर चाय बागान स्थापित करने की इच्छा जताई थी, जिस पर बोर्ड ने अपनी संस्तुति दे दी है। ग्राम प्रधान महेशी देवी, मोहन सिंह और खरक सिंह ने बताया कि गांव में पर्याप्त कृषि भूमि है। गांव से फराली तोक कुछ दूरी पर है, जिससे ग्रामीण यहां काश्तकारी नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने 510 नाली भूमि पर चाय बागान शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे क्षेत्र के पलायन पर भी रोक लगेगी और गरीब और असहाय लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा। इधर, बोर्ड के निदेशक डा. बीएस नेगी ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर ल्वाणी गांव में चाय बागान स्थापित किया जाएगा। चाय बागान नौटी (चमोली) के प्रबंधक को जल्द ही गांव में भूमि का निरीक्षण कर मृदा नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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