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सीएम के गृह जनपद में प्रशासनिक अधिकारियों का अकाल
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:20 PM IST
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श्रीनगर। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मूल जनपद गढ़वाल (पौड़ी) में प्रशासनिक व्यवस्थाएं धक्का मारकर चल रही हैं। जिले में उप जिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार और नायब तहसीलदारों (एनटी) की भारी कमी है। एक अधिकारी कई जगहों का अतिरिक्त चार्ज संभाले हुए हैं। सबसे खराब स्थिति तहसीलदारों की है। 10 तहसीलों में सिर्फ 2 ही तहसीलदार हैं। जबकि एक तहसीलदार आगामी मई माह में रिटायर हो जाएंगे। अधिकारियों की कमी की वजह से नवसृजित 2 तहसील आज तक शुरू नहीं हो पाई हैं।
पौड़ी जिले में वर्तमान में 12 तहसील और एक उपतहसील है। यहां उप जिलाधिकारी के 9, तहसीलदार के 12 और नायब तहसीलदार के 15 पद सृजित हैं। इसके विपरीत 4 उप जिलाधिकारी, 2 तहसीलदार और 6 नायब तहसीलदार ही तैनात हैं। नतीजन एक अधिकारी कई तहसील देख रहा है या नायब तहसीलदारों को प्रभार दिया गया है। वर्तमान में एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी के पास चाकीसैंण व थलीसैंण तहसीलों का जिम्मा है। वहीं तहसीलदार श्रीनगर सुनील राज भी 3-4 अतिरिक्त तहसील संभाले हुए हैं। इसके अलावा पौड़ी, लैंसडाउन व कोटद्वार में ही एसडीएम तैनात हैं। यह अधिकारी भी आसपास की तहसील देख रहे हैं। ऐसे ही श्रीनगर के अलावा कोटद्वार में ही पूर्णकालिक तहसीलदार तैनात हैं।
यह काम हो रहे प्रभावित
कार्यालय के रुटीन कार्य, फरियादियों की समस्या का समाधान, वित्तीय कार्य, किसी भी घटना के होने पर अधिकारियों का तत्काल पहुंचना मुश्किल। उधार की व्यवस्था के चलते स्थानीय परिस्थितियों के बारे में ज्यादा जानकारी न होना।
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इन तहसीलों में नहीं है तहसीलदार
पौड़ी, चाकीसैंण, थलीसैंण, लैंसडाउन, धुमाकोट, यमकेश्वर, चौबट्टाखाल, सतपुली।
अधिकारियों की कमी है। नायब तहसीलदारों को तहसीलदार का चार्ज दिया गया है। राजस्व परिषद को अधिकारियों की कमी के संबंध में पत्र लिखा गया है। सुशील कुमार, जिलाधिकारी पौड़ी
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पौड़ी जिले में वर्तमान में 12 तहसील और एक उपतहसील है। यहां उप जिलाधिकारी के 9, तहसीलदार के 12 और नायब तहसीलदार के 15 पद सृजित हैं। इसके विपरीत 4 उप जिलाधिकारी, 2 तहसीलदार और 6 नायब तहसीलदार ही तैनात हैं। नतीजन एक अधिकारी कई तहसील देख रहा है या नायब तहसीलदारों को प्रभार दिया गया है। वर्तमान में एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी के पास चाकीसैंण व थलीसैंण तहसीलों का जिम्मा है। वहीं तहसीलदार श्रीनगर सुनील राज भी 3-4 अतिरिक्त तहसील संभाले हुए हैं। इसके अलावा पौड़ी, लैंसडाउन व कोटद्वार में ही एसडीएम तैनात हैं। यह अधिकारी भी आसपास की तहसील देख रहे हैं। ऐसे ही श्रीनगर के अलावा कोटद्वार में ही पूर्णकालिक तहसीलदार तैनात हैं।
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यह काम हो रहे प्रभावित
कार्यालय के रुटीन कार्य, फरियादियों की समस्या का समाधान, वित्तीय कार्य, किसी भी घटना के होने पर अधिकारियों का तत्काल पहुंचना मुश्किल। उधार की व्यवस्था के चलते स्थानीय परिस्थितियों के बारे में ज्यादा जानकारी न होना।
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इन तहसीलों में नहीं है तहसीलदार
पौड़ी, चाकीसैंण, थलीसैंण, लैंसडाउन, धुमाकोट, यमकेश्वर, चौबट्टाखाल, सतपुली।
अधिकारियों की कमी है। नायब तहसीलदारों को तहसीलदार का चार्ज दिया गया है। राजस्व परिषद को अधिकारियों की कमी के संबंध में पत्र लिखा गया है। सुशील कुमार, जिलाधिकारी पौड़ी