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शोपीस बनी लाखों की हाईमास्ट लाइट
Updated Fri, 16 Feb 2018 01:36 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। तीर्थनगरी के चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड (बीटीसी) में इस साल भी यात्राकाल में श्रद्धालुओं को अंधेरे में रात बितानी पड़ेगी। वजह, यहां सैलानियों और श्रद्धालुओं की सुविधा व जान-माल की सुरक्षा को लगाई गई लाखों रुपये की लागत की हाईमास्ट लाइटें महज शोपीस बनकर रह गई हैं। चारधाम यात्रियों और सैलानियों को चारधाम यात्रा बीटीसी में रात के समय अंधेरे में सहूलियत उपलब्ध कराने के लिए लगाई गई लाखों की लागत की हाईमास्ट लाइटें बीते दो वर्षों से खराब पड़ी हैं, जिससे हर रोज बीटीसी में आने वाले वाले तीर्थयात्रियों को रात के समय अंधेरे में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इस ओर जिम्मेदार उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। अब जबकि महज दो माह बाद उत्तराखंड की विश्व विख्यात चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है, नगर निगम के अधिकारी खराब पड़ी हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत व इन्हें रोशन करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में चारधाम यात्राकाल में यहां पहुंचने वाले यात्रियों की रात के समय फजीहत होनी तय है। बीटीसी कैंपस में जूस की दुकान चलाने वाले पंकज जाटव, विक्रम कुमार आदि ने बताया कि बस अड्डे परिसर में चार हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं, जिनमें से दो हाईमास्ट लाइटों के कुछ ही बल्ब जल पाते हैं। दो हाईमास्ट लाइटें बीते दो वर्षों से काम नहीं कर पा रही हैं। यही स्थिति त्रिवेणीघाट में नगर निगम की ओर से लगाई गई हाईमास्ट लाइट की भी है। निगम प्रशासन व्यवस्थागत खामियों को दूर करने को लेकर लापरवाह बना बैठा है।
कोट्स
मामला संज्ञान में है। एक माह के भीतर सभी बंद पड़ी हाईमास्ट लाइटों को दुरुस्त कर दिया जाएगा। जिससे तीर्थयात्रियों को रात के समय कोई दिक्कतें नहीं आएं। इसके अलावा बस ट्रांजिट कंपाउंड में टीनशेड की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे यात्रियों को गर्मी के दिनों में तपती धूप में वाहनों का इंतजार नहीं करना पड़े।
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- महेंद्र कुमार यादव, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश।
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इस ओर जिम्मेदार उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। अब जबकि महज दो माह बाद उत्तराखंड की विश्व विख्यात चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है, नगर निगम के अधिकारी खराब पड़ी हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत व इन्हें रोशन करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में चारधाम यात्राकाल में यहां पहुंचने वाले यात्रियों की रात के समय फजीहत होनी तय है। बीटीसी कैंपस में जूस की दुकान चलाने वाले पंकज जाटव, विक्रम कुमार आदि ने बताया कि बस अड्डे परिसर में चार हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं, जिनमें से दो हाईमास्ट लाइटों के कुछ ही बल्ब जल पाते हैं। दो हाईमास्ट लाइटें बीते दो वर्षों से काम नहीं कर पा रही हैं। यही स्थिति त्रिवेणीघाट में नगर निगम की ओर से लगाई गई हाईमास्ट लाइट की भी है। निगम प्रशासन व्यवस्थागत खामियों को दूर करने को लेकर लापरवाह बना बैठा है।
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मामला संज्ञान में है। एक माह के भीतर सभी बंद पड़ी हाईमास्ट लाइटों को दुरुस्त कर दिया जाएगा। जिससे तीर्थयात्रियों को रात के समय कोई दिक्कतें नहीं आएं। इसके अलावा बस ट्रांजिट कंपाउंड में टीनशेड की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे यात्रियों को गर्मी के दिनों में तपती धूप में वाहनों का इंतजार नहीं करना पड़े।
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- महेंद्र कुमार यादव, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश।