{"_id":"5a6ce45c4f1c1b92268b6bd0","slug":"15170859894-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘खतरनाक मार्ग’ पर सफर कर रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘खतरनाक मार्ग’ पर सफर कर रहे लोग
Updated Sun, 28 Jan 2018 02:13 AM IST
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
त्यूनी।
टूटी सुरक्षा दीवारें, दुर्घटनाओं से सचेत करने के लिए न पैराफिट, न रिफ्लेक्टर और सड़क पर फैले पत्थरों पर चलते वाहन। ये हालात हैं जगाधरी पोंटा रोहडू राज वन मोटर मार्ग (जेपीआरआर) का। विभागीय लापरवाही के चलते सड़क का त्यूनी से लेकर मीनस तक करीब 22 किमी हिस्सा बदहाल है।
यह सड़क हिमाचल के साथ ही उत्तराखंड के 20 से भी अधिक गांवों के संपर्क का एकमात्र साधन है। दूल्हाराम शर्मा, जय मोहन शर्मा, दर्शन डोभाल आदि का कहना है कि एक दशक से सड़क की हालत बदहाल है। सड़क के इस हिस्से पर कई लोग जान तक गंवा चुके हैं।
विभाग ने यात्रियों को सचेत करने के लिए कहीं पर भी चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। टोंस नदी के किनारे इस सड़क पर सफर करते समय लोगों को हमेशा खतरा बना रहता है। कई दुपहिया वाहन चालक पत्थरों पर फिसल कर चोटिल हो चुके हैं। हर बार विभाग बजट की कमी बता सड़क की मरम्मत से हाथ पीछे खींच लेता है। राष्ट्रीय राजमार्ग होने के बावजूद सड़क की हालत खराब है।
विज्ञापन
ये गांव जुड़े हैं सड़क से
सड़क से फेड़ीच, अणु, रिक्षाणु, अटाल, हेड़सू, त्यूनी, रड़ू, मुंधोल, सैंज, चांजोई समेत 20 गांवों इस सड़क से जुड़े हुए हैं।
सड़क के 39 किमी हिस्से पर मरम्मत कार्य किया जाना प्रस्तावित है। जिसके लिए 39 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है।
- महिपाल सिंह रावत, अधिशासी अभियंता, लोनिवि खंड डोईवाला
विज्ञापन
त्यूनी।
टूटी सुरक्षा दीवारें, दुर्घटनाओं से सचेत करने के लिए न पैराफिट, न रिफ्लेक्टर और सड़क पर फैले पत्थरों पर चलते वाहन। ये हालात हैं जगाधरी पोंटा रोहडू राज वन मोटर मार्ग (जेपीआरआर) का। विभागीय लापरवाही के चलते सड़क का त्यूनी से लेकर मीनस तक करीब 22 किमी हिस्सा बदहाल है।
यह सड़क हिमाचल के साथ ही उत्तराखंड के 20 से भी अधिक गांवों के संपर्क का एकमात्र साधन है। दूल्हाराम शर्मा, जय मोहन शर्मा, दर्शन डोभाल आदि का कहना है कि एक दशक से सड़क की हालत बदहाल है। सड़क के इस हिस्से पर कई लोग जान तक गंवा चुके हैं।
विज्ञापन
विभाग ने यात्रियों को सचेत करने के लिए कहीं पर भी चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। टोंस नदी के किनारे इस सड़क पर सफर करते समय लोगों को हमेशा खतरा बना रहता है। कई दुपहिया वाहन चालक पत्थरों पर फिसल कर चोटिल हो चुके हैं। हर बार विभाग बजट की कमी बता सड़क की मरम्मत से हाथ पीछे खींच लेता है। राष्ट्रीय राजमार्ग होने के बावजूद सड़क की हालत खराब है।
विज्ञापन
ये गांव जुड़े हैं सड़क से
सड़क से फेड़ीच, अणु, रिक्षाणु, अटाल, हेड़सू, त्यूनी, रड़ू, मुंधोल, सैंज, चांजोई समेत 20 गांवों इस सड़क से जुड़े हुए हैं।
सड़क के 39 किमी हिस्से पर मरम्मत कार्य किया जाना प्रस्तावित है। जिसके लिए 39 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है।
- महिपाल सिंह रावत, अधिशासी अभियंता, लोनिवि खंड डोईवाला