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पांच हजार में होगा कैंसर रोगियों का उपचार
Updated Sun, 28 Jan 2018 02:09 AM IST
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पांच हजार में होगा कैंसर रोगियों का उपचार
-- एम्स में उपचार के लिए 30 करोड़ हाई एनर्जीलीनियर मशीन स्थापित
-- निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने किया मशीन का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। कैंसर रोग से ग्रसित मरीजों को इलाज के लिए अब अन्य राज्यों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। एम्स में उपचार के लिए रेडियोलॉजी विभाग ने हाई एनर्जी लीनियर एक्सीलेटर मशीन स्थापित की है, जिससे कैंसर रोगियों को महज पांच हजार रुपये में ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी। इसी उपचार के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों में करीब तीन लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने एम्स में स्थापित हाई एनर्जी लीनियर एक्सीलेटर मशीन का शुक्रवार को शुभारंभ किया। बताया कि कैंसर के इलाज में इस मशीन का अहम रोल है। प्रदेश के कैंसर से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ आदि राज्यों में जाना पड़ता था, जहां उन्हें इलाज पर करीब तीन लाख रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब एम्स में इस मशीन के स्थापित होने से सिर्फ पांच हजार रुपये में ही इलाज संभव होगा।
निदेशक के मुताबिक कई नॉन कैंसर वाली बीमारियों दिमाग, शरीर में टिश्यू बढ़ने, और नॉन कैंसर वाले ट्यूमर आदि का उपचार भी इस मशीन से किया जा सकता है। बताया कि अन्य मशीन तथा तरीकों से कैंसर के अलावा अच्छे सेल भी नष्ट होते थे, इस मशीन द्वारा सिर्फ कैंसर के टिश्यू पर ही विकिरण दिया जा सकता है और अन्य टिश्यू पर इसका दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। इससे मरीज के ठीक होने तथा साइड इफेक्ट न होने से क्यूरिंग रेट बढ़ जाते है।
करीब 30 करोड़ रुपये लागत की मशीन पर पहले रोगी बिजनौर निवासी प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित का सफल इलाज शुक्रवार को किया गया। बताया कि देशभर के छह एम्स में से सबसे पहले ऋषिकेश में इस मशीन को स्थापित किया गया है, जिसका लाभ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों को भी मिल सकेगा। इस अवसर पर उप निदेशक अंशुमान गुप्ता, डीन सुरेखा किशोर, रेडियो थैरेपी विभागाध्यक्ष डा. मनोज गुप्ता, प्रो. बीना रवि, डा. राजेश पसरीचा, पीआरओ हरीश थपलियाल आदि मौजूद थे।
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-- एम्स में उपचार के लिए 30 करोड़ हाई एनर्जीलीनियर मशीन स्थापित
-- निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने किया मशीन का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। कैंसर रोग से ग्रसित मरीजों को इलाज के लिए अब अन्य राज्यों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। एम्स में उपचार के लिए रेडियोलॉजी विभाग ने हाई एनर्जी लीनियर एक्सीलेटर मशीन स्थापित की है, जिससे कैंसर रोगियों को महज पांच हजार रुपये में ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी। इसी उपचार के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों में करीब तीन लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने एम्स में स्थापित हाई एनर्जी लीनियर एक्सीलेटर मशीन का शुक्रवार को शुभारंभ किया। बताया कि कैंसर के इलाज में इस मशीन का अहम रोल है। प्रदेश के कैंसर से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ आदि राज्यों में जाना पड़ता था, जहां उन्हें इलाज पर करीब तीन लाख रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब एम्स में इस मशीन के स्थापित होने से सिर्फ पांच हजार रुपये में ही इलाज संभव होगा।
निदेशक के मुताबिक कई नॉन कैंसर वाली बीमारियों दिमाग, शरीर में टिश्यू बढ़ने, और नॉन कैंसर वाले ट्यूमर आदि का उपचार भी इस मशीन से किया जा सकता है। बताया कि अन्य मशीन तथा तरीकों से कैंसर के अलावा अच्छे सेल भी नष्ट होते थे, इस मशीन द्वारा सिर्फ कैंसर के टिश्यू पर ही विकिरण दिया जा सकता है और अन्य टिश्यू पर इसका दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। इससे मरीज के ठीक होने तथा साइड इफेक्ट न होने से क्यूरिंग रेट बढ़ जाते है।
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करीब 30 करोड़ रुपये लागत की मशीन पर पहले रोगी बिजनौर निवासी प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित का सफल इलाज शुक्रवार को किया गया। बताया कि देशभर के छह एम्स में से सबसे पहले ऋषिकेश में इस मशीन को स्थापित किया गया है, जिसका लाभ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों को भी मिल सकेगा। इस अवसर पर उप निदेशक अंशुमान गुप्ता, डीन सुरेखा किशोर, रेडियो थैरेपी विभागाध्यक्ष डा. मनोज गुप्ता, प्रो. बीना रवि, डा. राजेश पसरीचा, पीआरओ हरीश थपलियाल आदि मौजूद थे।
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