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प्रगतिशील जनमंच के शिष्टमंडल की नहीं हो पाई राज्यपाल से वार्ता
Updated Sat, 27 Jan 2018 10:53 PM IST
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श्रीनगर। शुद्ध पेयजल आपूर्ति, संयुक्त अस्पताल श्रीनगर में डाक्टरों की तैनाती और एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर के निर्माण की मांग के लिए आंदोलनकारियों की देहरादून में राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो पाई। राज्यपाल के अचानक किसी कार्यक्रम में जाने से उनको बैरंग लौटना पड़ा। वही, दो दिन पहले आंदोलनकारियों की तीन सूत्री मांगों के लिए गढ़वाल आयुक्त दिलीप जावलकर से मुलाकात हुई। आयुक्त ने उन्हें सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
शनिवार को प्रगतिशील जनमंच का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल केके पाल से वार्ता करने राजभवन पहुंचा। बताया गया कि राज्यपाल किसी अन्य कार्यक्रम के सिलसिले में ऋषिकेश चले गए। नवीन नौटियाल ने बताया कि अब मुलाकात की अगली तिथि ली जाएगी।
वहीं, 25 जनवरी को प्रजमं के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त दिलीप जावलकर से जिलाधिकारी सुशील कुमार की मौजूदगी में मुलाकात की। इस अवसर पर बताया गया कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का संचालन कर रही अनुबंध के बावजूद पेयजल निगम को पेयजल योजना निर्माण के लिए बजट नहीं दे रही है। इससे योजना का काम अटका हुआ है। एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण नहीं किया जा रहा है। जावलकर ने आश्वस्त किया कि इस संबंध में केंद्र सरकार से वार्ता की जाएगी। पेयजल योजना निर्माण के लिए कंपनी के परियोजना समन्वयक को तलब किया जाएगा।
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इधर, शनिवार को श्रीनगर में सदानंद पुरी, विनोद मैठाणी, एमएम तिवाड़ी, हीरा लाल जैन, शकुंतला राणा, लक्ष्मी गुप्ता, बसंती जोशी, केपी चंदोला, मदन डंगवाल, दयाल पंवार, चंद्रकला, रजनी और प्रमोद आदि धरने पर बैठे।
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शनिवार को प्रगतिशील जनमंच का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल केके पाल से वार्ता करने राजभवन पहुंचा। बताया गया कि राज्यपाल किसी अन्य कार्यक्रम के सिलसिले में ऋषिकेश चले गए। नवीन नौटियाल ने बताया कि अब मुलाकात की अगली तिथि ली जाएगी।
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वहीं, 25 जनवरी को प्रजमं के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त दिलीप जावलकर से जिलाधिकारी सुशील कुमार की मौजूदगी में मुलाकात की। इस अवसर पर बताया गया कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का संचालन कर रही अनुबंध के बावजूद पेयजल निगम को पेयजल योजना निर्माण के लिए बजट नहीं दे रही है। इससे योजना का काम अटका हुआ है। एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण नहीं किया जा रहा है। जावलकर ने आश्वस्त किया कि इस संबंध में केंद्र सरकार से वार्ता की जाएगी। पेयजल योजना निर्माण के लिए कंपनी के परियोजना समन्वयक को तलब किया जाएगा।
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इधर, शनिवार को श्रीनगर में सदानंद पुरी, विनोद मैठाणी, एमएम तिवाड़ी, हीरा लाल जैन, शकुंतला राणा, लक्ष्मी गुप्ता, बसंती जोशी, केपी चंदोला, मदन डंगवाल, दयाल पंवार, चंद्रकला, रजनी और प्रमोद आदि धरने पर बैठे।