{"_id":"5b1eda864f1c1b214d8b5de2","slug":"151528748678-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहसपुर में स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज बनाएगा दून विवि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहसपुर में स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज बनाएगा दून विवि
Updated Tue, 12 Jun 2018 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
दून विश्वविद्यालय अब सहसपुर स्थित जमीन पर स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज बनाएगा। विवि को स्थापना के समय यह जमीन दी गई थी जो कि बाद में सरकार ने एक शीतल पेय कंपनी को दे दी थी। इस पर विवाद होने के बाद से अब तक यह जमीन वापस सरकार के पास ही है। सोमवार को दून विवि में हुई कोर्ट मीटिंग में आए इस सुझाव पर मुहर लग गई। अब विवि प्रशासन सरकार को इस संबंध में पत्राचार करेगा।
सोमवार को दून विवि में विवि के कुलाधिपति एवं राज्यपाल डॉ. केके पाल की अध्यक्षता में कोट मीटिंग हुई। मीटिंग में विवि के तीन वर्षों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें बताया गया कि किस वर्ष विवि की क्या प्रगति रही। इसके बाद भविष्य की बेहतर योजनाओं पर चर्चा शुरू हुई। बैठक में कुलपति प्रो. सीएस नौटियाल ने सुझाव रखा कि विवि की पूर्व में जो सहसपुर स्थित जमीन सरकार ने वापस ले ली थी, उसे अब दोबारा हासिल करेंगे। इस 100 एकड़ भूमि पर स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज बनाया जाएगा। यहां लाइफ साइंसेज से जुड़े सभी कोर्सेज संचालित किए जाएंगे। इस सुझाव को सभी ने एक सुर में स्वीकार कर लिया। कुलपति प्रो. नौटियाल ने बताया कि उनका मकसद विवि के स्कूल ऑफ लैंग्वेज को देश का दूसरा सबसे बेहतरीन स्कूल बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि वह छात्र-शिक्षक अनुपात के हिसाब से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। बैठक के अध्यक्ष डॉ. केके पाल ने विवि में शिक्षकों की भर्ती न होने पर सवाल पूछा तो विवि प्रशासन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एक वाद के चलते यह प्रक्रिया अटकी हुई है। बैठक में पहुंचे पद्मश्री डॉ. आमोद गुप्ता ने सुझाव रखा कि विवि के सभी एल्युमिनाई को जोड़ा जाए और उन्हें विवि की प्रगति में शामिल किया जाए। इसके अलावा विवि में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को मूल्यांकन हर साल किया जाना चाहिए। इस सुझाव को भी सहमति मिल गई। कोर्ट मीटिँग में टिहरी विधायक धन सिंह नेगी के अलावा दून विवि के कुलसचिव प्रो. एचसी पुरोहित, डीसी लोहानी, प्रो. आररडी आनंद, डॉ. राजेंद्र डोभाल, प्रो. एमएल शर्मा, प्रो. केएस ढींडसा, डॉ. के अरुणाचलम, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. आरपी सिंह, शैलजा चंद्रा, डॉ. अजीत कुमार, अलका सिरोही, वीपी सिंह, शिखा अहमद सहित विशेषज्ञ मौजूद रहे।
.........................
दून विवि शुरू करेगा कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन
कोर्ट मीटिंग में कुलाधिपति डॉ. केके पाल ने सुझाव दिया कि जिस तरह से हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन चल रहा है, ठीक वैसे ही दून विवि में भी रेडियो स्टेशन शुरू किया जाए। कुलाधिपति के इस सुझाव को सभा में सहमति से पास कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
दून विश्वविद्यालय अब सहसपुर स्थित जमीन पर स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज बनाएगा। विवि को स्थापना के समय यह जमीन दी गई थी जो कि बाद में सरकार ने एक शीतल पेय कंपनी को दे दी थी। इस पर विवाद होने के बाद से अब तक यह जमीन वापस सरकार के पास ही है। सोमवार को दून विवि में हुई कोर्ट मीटिंग में आए इस सुझाव पर मुहर लग गई। अब विवि प्रशासन सरकार को इस संबंध में पत्राचार करेगा।
सोमवार को दून विवि में विवि के कुलाधिपति एवं राज्यपाल डॉ. केके पाल की अध्यक्षता में कोट मीटिंग हुई। मीटिंग में विवि के तीन वर्षों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें बताया गया कि किस वर्ष विवि की क्या प्रगति रही। इसके बाद भविष्य की बेहतर योजनाओं पर चर्चा शुरू हुई। बैठक में कुलपति प्रो. सीएस नौटियाल ने सुझाव रखा कि विवि की पूर्व में जो सहसपुर स्थित जमीन सरकार ने वापस ले ली थी, उसे अब दोबारा हासिल करेंगे। इस 100 एकड़ भूमि पर स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज बनाया जाएगा। यहां लाइफ साइंसेज से जुड़े सभी कोर्सेज संचालित किए जाएंगे। इस सुझाव को सभी ने एक सुर में स्वीकार कर लिया। कुलपति प्रो. नौटियाल ने बताया कि उनका मकसद विवि के स्कूल ऑफ लैंग्वेज को देश का दूसरा सबसे बेहतरीन स्कूल बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि वह छात्र-शिक्षक अनुपात के हिसाब से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। बैठक के अध्यक्ष डॉ. केके पाल ने विवि में शिक्षकों की भर्ती न होने पर सवाल पूछा तो विवि प्रशासन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एक वाद के चलते यह प्रक्रिया अटकी हुई है। बैठक में पहुंचे पद्मश्री डॉ. आमोद गुप्ता ने सुझाव रखा कि विवि के सभी एल्युमिनाई को जोड़ा जाए और उन्हें विवि की प्रगति में शामिल किया जाए। इसके अलावा विवि में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को मूल्यांकन हर साल किया जाना चाहिए। इस सुझाव को भी सहमति मिल गई। कोर्ट मीटिँग में टिहरी विधायक धन सिंह नेगी के अलावा दून विवि के कुलसचिव प्रो. एचसी पुरोहित, डीसी लोहानी, प्रो. आररडी आनंद, डॉ. राजेंद्र डोभाल, प्रो. एमएल शर्मा, प्रो. केएस ढींडसा, डॉ. के अरुणाचलम, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. आरपी सिंह, शैलजा चंद्रा, डॉ. अजीत कुमार, अलका सिरोही, वीपी सिंह, शिखा अहमद सहित विशेषज्ञ मौजूद रहे।
विज्ञापन
.........................
दून विवि शुरू करेगा कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन
कोर्ट मीटिंग में कुलाधिपति डॉ. केके पाल ने सुझाव दिया कि जिस तरह से हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन चल रहा है, ठीक वैसे ही दून विवि में भी रेडियो स्टेशन शुरू किया जाए। कुलाधिपति के इस सुझाव को सभा में सहमति से पास कर दिया गया।
विज्ञापन