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वितिय कार्यशाला में प्रतिभागियो ने सीखे निवेश के गुर
Updated Mon, 20 Nov 2017 01:42 AM IST
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एहतियात से किया निवेश होगा लाभकारी
-- एसआरएचयू जौलीग्रांट में आयोजित हुई वित्तीय कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी जौलीग्रांट के हिमालयन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में वित्तीय प्रबंधन विषय पर आधारित कार्यशाला में प्रतिभागियों ने बचत और नकदी के सदुपयोग के गुर सीखे। वक्ताओं ने बताया कि एहतियात से किया गया निवेश लाभकारी होता है। एसआरएचयू परिसर में आयोजित वित्तीय प्रबंधन कार्यशाला का उद्घाटन हिमालयन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के डीन प्रो. एसपी थपलियाल ने किया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति के जीवन में बचत का अत्यधिक महत्व है। मौजूदा समय में विनियम के तौर तरीकों में बदलाव आ चुका है। सुरक्षित तरीके से किए गए निवेश के लाभकारी परिणाम होते है।
सेबी के सर्टिफाइड ट्रेनर सुनील मदान ने प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन की बारीकियां बताई। कहा कि अल्प समय में रकम को दोगुना करने का दावा करने वाली कंपनियों से सावधान रहने की आवश्यकता होती है। उपभोक्ताओं को भ्रम में डालकर कंपनियां निवेश कराकर फ्रॉड करती हैं। कहा कि पूंजी निवेश के दौरान सभी पहलुओं की पड़ताल सघनता से करनी चाहिए। मदान ने प्रतिभागियों से सेबी संगठन की भूमिका पर भी चर्चा की। सेबी के उद्देश्य भारतीय स्टाक निवेशकों के हितों का संरक्षण है। प्रतिभागियों के जिज्ञासा भरे सवालों के जवाब भी कार्यशाला में दिए गए। कार्यशाला में मैनेजमेंट के प्रिंसिपल डा. एसआर शर्मा, डा. गीता, रविंद्र शर्मा, डा. सोनम, उपेंद्र सक्सेेना, डा. एसए जुयाल आदि मौजूद थे।
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-- एसआरएचयू जौलीग्रांट में आयोजित हुई वित्तीय कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी जौलीग्रांट के हिमालयन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में वित्तीय प्रबंधन विषय पर आधारित कार्यशाला में प्रतिभागियों ने बचत और नकदी के सदुपयोग के गुर सीखे। वक्ताओं ने बताया कि एहतियात से किया गया निवेश लाभकारी होता है। एसआरएचयू परिसर में आयोजित वित्तीय प्रबंधन कार्यशाला का उद्घाटन हिमालयन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के डीन प्रो. एसपी थपलियाल ने किया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति के जीवन में बचत का अत्यधिक महत्व है। मौजूदा समय में विनियम के तौर तरीकों में बदलाव आ चुका है। सुरक्षित तरीके से किए गए निवेश के लाभकारी परिणाम होते है।
सेबी के सर्टिफाइड ट्रेनर सुनील मदान ने प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन की बारीकियां बताई। कहा कि अल्प समय में रकम को दोगुना करने का दावा करने वाली कंपनियों से सावधान रहने की आवश्यकता होती है। उपभोक्ताओं को भ्रम में डालकर कंपनियां निवेश कराकर फ्रॉड करती हैं। कहा कि पूंजी निवेश के दौरान सभी पहलुओं की पड़ताल सघनता से करनी चाहिए। मदान ने प्रतिभागियों से सेबी संगठन की भूमिका पर भी चर्चा की। सेबी के उद्देश्य भारतीय स्टाक निवेशकों के हितों का संरक्षण है। प्रतिभागियों के जिज्ञासा भरे सवालों के जवाब भी कार्यशाला में दिए गए। कार्यशाला में मैनेजमेंट के प्रिंसिपल डा. एसआर शर्मा, डा. गीता, रविंद्र शर्मा, डा. सोनम, उपेंद्र सक्सेेना, डा. एसए जुयाल आदि मौजूद थे।
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