{"_id":"599c60a64f1c1b4f518b45e4","slug":"150342060612-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा सभा अध्यक्ष का हस्ताक्षर से इंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा सभा अध्यक्ष का हस्ताक्षर से इंकार
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरकी पैड़ी की प्रबंधकारिणी संस्था गंगा सभा के अध्यक्ष ने उस पत्र पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है, जो सभा के पूर्व कोषाध्यक्ष को भेजा जाना था। पूर्व कोषाध्यक्ष के पास करीब तीन वर्षों से गंगा सभा का सोना चांदी रखा है। पूर्व पदाधिकारियों ने मौखिक निवेदन पर जब कोष नए पदाधिकारियों को नहीं सौंपा तो सभापति की ओर से एक पत्र तैयार कराया गया। इस पत्र पर अध्यक्ष ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है। उधर, गंगा को नहर बताने से संबंधित शासनादेश को वापस लेने के लिए तैयार पत्र भी अब तक मुख्यमंत्री को नहीं भेजा गया।
गौरतलब है कि गंगा सभा के चार वर्षीय चुनाव वर्ष 2014 में हो गए थे। पूर्व पदाधिकारी पराजित हुए और तीनों नए पदाधिकारियों का चयन सैकड़ों सदस्यों वाली प्रधान सभा ने गुप्त मतदान से किया। तीन वर्षों से गंगा सभा के अधिकांश दस्तावेज और सोना चांदी पूर्व कोषाध्यक्ष यतींद्र सिखौला के पास है। बार- बार मौखिक रूप से कहने पर भी उन्होंने यह सामान नई कार्यकारिणी को नहीं सौंपा। जबकि गंगा सभा की प्रधान सभा कई बार नए पदाधिकारियों को निर्देश दे चुकी है कि वे पूर्व पदाधिकारियों से सभी दस्तावेज हासिल करे। गंगा सभा के सभापति कृष्ण कुमार शर्मा ने कई बार पूर्व कोषाध्यक्ष को सामान सौंपने को कहा। उनकी ओर से सामान नहीं सौंपने पर सभापति ने पूर्व कोषाध्यक्ष के लिए एक पत्र तैयार कराया, जिसमें आग्रह किया गया है कि वे नियत तिथि तक तमाम सोना चांदी और अन्य सामान सुपुर्द कर दें। इस पत्र पर महामंत्री रामकुमार मिश्रा और सभापति ने तो हस्ताक्षर कर दिए, लेकिन अध्यक्ष गांधीवादी पुरुषोत्तम शर्मा ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
इस बारे में पुरोहित समाज के गहरी नाराजगी व्याप्त हो गई। पूछे जाने पर अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि पत्र देने की कोई जरूरत नहीं है। उनसे सारा सामान मौखिक रूप से ही बुलाकर लिया जाएगा। यह पूछने पर कि करीब तीन वर्षों में ऐसा क्यों नहीं किया, अध्यक्ष ने कहा कि कुछ सवालों का जवाब नहीं दिया जाता। इस संबंध में पूर्व कोषाध्यक्ष यतींद्र सिखौला ने बताया कि वे कई बार पदाधिकारियों से आग्रह कर चुके हैं कि सारा सोना चांदी और सामान उनसे ले लिया जाए। दुख का विषय है कि कोई भी यह सामान लेने नहीं आ रहा। यदि उन्हें पत्र देकर बुलाया जाएगा तो वे सभा का तमाम सामान पदाधिकारियों के सुपुर्द कर देंगे।
विज्ञापन