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लोक संस्कृति को डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से पहुंचाया जाएगा घर घर
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:08 PM IST
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हरिद्वार। उत्तराखंड की लोक संस्कृति को अब घर घर पहुंचाने की योजना तैयार की गई है। लोक संस्कृति पर संस्कृति विभाग आधे घंटे की डॉक्यूमेंट्री तैयार कर गांव- गांव दिखाएगा। इसमें देव डोलियों को भी शामिल किया जाएगा।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति में ढोल दमाऊं के साथ ही देव डोलियां एवं लोकनृत्य भी शामिल है। अपसंस्कृति के हमलों को देखते हुए संस्कृति विभाग ने लोक संस्कृति को बचाने के प्रयास शुरू किए हैं। इस दिशा में उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधे घंटे की डॉक्यूमेंट्री बनाई जाएगी। जिसमें ढोल दमाऊं के साथ ही लोक नृत्यों को भी फिल्माया जाएगा। संस्कृति विभाग की निदेशक बीना भट्ट की मानें तो आंधे घंटे की डॉक्यूमेंट्री बनाकर उसे गांव- गांव में जाकर दिखाया जाएगा। इसके अलावा मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी इसका प्रचार प्रसार किया जाएगा।
विभाग अर्द्धकुंभ में हुए एक साथ हजारों डोलियों के गंगा स्नान के चित्र एकत्रित कर रहा है। इन चित्रों को भी डॉक्यूमेंट्री में शामिल किया जाएगा। हालांकि कुछ चित्र विभाग के पास उपलब्ध हैं, लेकिन बेहतर चित्र विभाग इकट्टा कर रहा है।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति में ढोल दमाऊं के साथ ही देव डोलियां एवं लोकनृत्य भी शामिल है। अपसंस्कृति के हमलों को देखते हुए संस्कृति विभाग ने लोक संस्कृति को बचाने के प्रयास शुरू किए हैं। इस दिशा में उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधे घंटे की डॉक्यूमेंट्री बनाई जाएगी। जिसमें ढोल दमाऊं के साथ ही लोक नृत्यों को भी फिल्माया जाएगा। संस्कृति विभाग की निदेशक बीना भट्ट की मानें तो आंधे घंटे की डॉक्यूमेंट्री बनाकर उसे गांव- गांव में जाकर दिखाया जाएगा। इसके अलावा मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी इसका प्रचार प्रसार किया जाएगा।
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विभाग अर्द्धकुंभ में हुए एक साथ हजारों डोलियों के गंगा स्नान के चित्र एकत्रित कर रहा है। इन चित्रों को भी डॉक्यूमेंट्री में शामिल किया जाएगा। हालांकि कुछ चित्र विभाग के पास उपलब्ध हैं, लेकिन बेहतर चित्र विभाग इकट्टा कर रहा है।
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