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किमखोला गांव में टूटी मकान की दीवार, बाल-बाल बचे
Updated Sun, 06 Aug 2017 10:12 PM IST
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देवप्रयाग/अगस्त्यमुनि। देवप्रयाग तहसील क्षेत्र के किमखोला गांव में रविवार रात एक घर का आधा हिस्सा भरभराकर ढह गया। उस वक्त घर के लोग सोए हुए थे। दीवार ढहने से वे अंदर फंस गए। पड़ोसियों ने मलबा हटाकर उन्हें किसी तरह बाहर निकाला।
ग्राम प्रधान किमखोला मातबर सिंह ने बताया कि शनिवार रात करीब डेढ़ बजे मुरली सिंह अंदर वाले कमरे में परिजनों के साथ सोए थे। इसी दौरान मकान के आगे का हिस्सा गिर गया। दीवार गिरने की आवाज से उनकी नींद खुल गई। दीवार ढहने से बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया था। उनके चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने घर के आगे का मलबा हटाकर किसी तरह उन्हें सुरक्षित बाहर निकल लिया। प्रभावित परिवार ने गांव में किसी अन्य के घर में शरण ली हुई है।
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उधर, अगस्त्यमुनि से मिली जानकारी के मुताबिक बसुकेदार तहसील क्षेत्र में निर्माणाधीन बरम्वाड़ी-नागजगई मोटर मार्ग का का मलबा बरम्वाड़ी गांव के कई घरों व खेतों में घुस गया है। मलबे से दो शौचालय क्षतिग्रस्त हो गए। पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। घरों-गोशालाओं में घुसे मलबे के चलते ग्रामीणों में अफरा-तफरी मची रही। राजस्व उप निरीक्षक अर्जुन सिंह बत्र्वाल और करीम बख्स सिद्दिकी ने गांव पहुंचकर मलबे से हुए नुकसान का जायजा लिया। प्रभावित ग्रामीण राजेंद्र सिंह और महिपाल सिंह ने कार्यदायी संस्था से मलबा निस्तारित करने की मांग की है। वर्ल्ड बैंक गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता शंकर राम ने बताया कि डंप मलबे को जल्द हटा दिया जाएगा।
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नदी पार करते समय बहा पूर्व सैनिक, लापता
सतपुली। पश्चिमी नयार नदी को पार करते समय पूर्व सैनिक नदी में बह गया। पूर्व सैनिक की तलाश में राजस्व पुलिस के साथ एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है। घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है।
सतपुली के तहसीलदार सुभाष ध्यानी ने बताया कि एके श्वर प्रखंड के नौगांव कफोला निवासी पूर्व सैनिक कैप्टन मदन मोहन पोखरियाल (65) भांजे आशुतोष के साथ कल्जीखाल के सरासू गांव जा रहे थे। इस दौरान बौंसाल के निकट झैडी तोक में पश्चिमी नयार नदी को पार करते समय वह बह गए। श्रीनगर में रह रहे उनके पुत्र मानवेंद्र पोखरियाल ने राजस्व पुलिस को मामले की जानकारी दी जिसके बाद राजस्व पुलिस ने मदनमोहन की ढूंढखोज की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।
रुद्रप्रयाग जिले में 83 संपर्क मार्ग बदहाल, 16 सड़कें अब भी अवरुद्ध
रुद्रप्रयाग। जनपद में बरसात से 83 संपर्क मोटर मार्ग प्रभावित हो चुके हैं। इन मार्गो में से 74 पर यातायात चल रहा है, जबकि 16 अब भी बंद हैं।
तूना-बौंठा, कांडई-कमोल्डी-बरसूड़ी, घरड़ा-आश्रम, क्वीली-कुरझण-गढ़ीधार मोटर मार्गो की स्थिति काफी खराब है। जिले में लमगौंडी-देवलीभणिग्राम, छेनागाड़-बक्सीर, छेनागाड़-उच्छोला, विनोवाधार-स्यूंर, विजयनगर-तैला, सणगू-सारी, फाटा-जामू, स्यूंणी-टैठी-पाटा मोटर मार्ग सहित 16 मार्ग अब भी अवरुद्ध हैं। इनके बंद होने से धनपुर, पूर्वी बांगर, सिलगढ़ क्षेत्रों का ब्लॉक और जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस का कहना है कि सभी मार्गो को पूर्ववत स्थिति में लाने के लिए शासन को 5 करोड़, 84 लाख से अधिक का प्रस्ताव भेजा गया है।