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ग्रामीणों ने खुद ही किया स्कूल परिसर में आए मलबे को साफ
Updated Sat, 22 Jul 2017 10:34 PM IST
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गैरसैंण। मलबे से पटे जूनियर हाईस्कूल दिवागाड़ की सफाई न किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को श्रमदान कर विद्यालय के तीन कमरों की मलबा हटाया। ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल के सभी कमरे और आंगन मलबे से पटा था, जिससे बच्चे करीब आठ सौ मीटर दूर आयुर्वेदिक केंद्र में पढ़ने को मजबूर हैं। जहां न बच्चों को मध्याह्न भोजन मिल रहा है और न ही आवागमन का रास्ता सही है।
राजकीय जूनियर हाईस्कूल दिवागाड़ में दस जुलाई को बारिश से भारी मात्रा में मलबा आ गया था। ऐसे में प्रशासन ने बच्चों को आयुर्वेदिक केंद्र में शिफ्ट कर दिया था, 12 दिन बाद भी स्कूल के हालात जस के तस हैं। बछुवाबाण के प्रधान बलवंत सिंह ने बताया कि स्कूल में दिवागाड़, बछुवाबाण मल्ला और तल्ला सहित आसपास के पांच से अधिक गांवों के 65 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। आयुर्वेदिक केंद्र में बच्चों के आवागमन से लेकर मध्याह्न भोजन की दिक्कत हो रही थी। प्रशासन की ओर से स्कूल भवन की सफाई न होने पर ग्रामीणों ने शनिवार को खुद ही सफाई करने का निर्णय लिया। बलवंत सिंह और दिवागाड़ के प्रधान रघुवीर सिंह ने बताया कि शनिवार को करीब 40-50 ग्रामीणों ने विद्यालय के तीन कमरों में भरे मलबे को हटाया। हालांकि अभी कंप्यूटर कक्ष की सफाई होनी बाकी है। जिसके बाद यहां स्कूल का संचालन किया जा सकेगा।
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