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बागी-खेतपाली के 19 लोग पीलिया की चपेट में
Updated Thu, 15 Jun 2017 10:11 PM IST
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लंबगांव (टिहरी)। रौणद रमोली पट्टी के बागी और खेतपाली गांव में करीब हफ्तेभर से 19 लोग पीलिया की चपेट में हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को अभी तक इसकी जानकारी नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रौणद रमोली में डाक्टर नहीं होने से लोगों को निजी चिकित्सालयों की शरण लेनी पड़ रही है।
हफ्तेभर पहले बागी गांव में 15 और खेतपाली गांव में चार लोगों को पीलिया हो गया था, जिनमें तीन बच्चे और दो महिलाएं भी शामिल हैं। बागी गांव का रविंद्र सिंह राणा बुधवार को ही ऋषिकेश से पीलिया का उपचार कर गांव लौटे हैं। दोनों गांवों के लोगों के पीलिया की चपेट में आने का कारण दूषित पानी पीना माना जा रहा है। बागी गांव में एकल पेयजल योजना है, जिसकी देखरेख खुद गांव के लोग करते हैं। जिस स्रोत से गांव के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है, वहां इन दिनों पानी कम हो गया है। पिछले दिनों गांव में हुई शादी-विवाह में लोगों ने टैंक में जमा पानी पिया था। माना जा रहा है कि टैंक में जमा बासी पानी पीने से ही लोगों पीलिया हुआ है।
खेतपाली गांव में जल संस्थान पानी की आपूर्ति करता है, लेकिन वहां के चार लोग भी पीलिया की चपेट में हैं। जल संस्थान के जेई राजकिशोर पोखरियाल का कहना है कि दूषित पानी की आपूर्ति नहीं होने से इसके लिए बराबर ब्लीचिंग पाउडर टैंकों में डाला जाता है। टैंकों की सफाई और ब्लीचिंग पाउडर डालने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग की टीम की रिपोर्ट विभाग के पास उपलब्ध है।
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कोट
बागी और खेतपाली गांव के लोगों के पीलिया से ग्रसित होने की कोई सूचना नहीं है। डाक्टरों की टीम गांव में भेजकर पीलिया का उपचार किया जाएगा।
-डा. वाईएस थपलियाल, सीएमओ टिहरी।
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हफ्तेभर पहले बागी गांव में 15 और खेतपाली गांव में चार लोगों को पीलिया हो गया था, जिनमें तीन बच्चे और दो महिलाएं भी शामिल हैं। बागी गांव का रविंद्र सिंह राणा बुधवार को ही ऋषिकेश से पीलिया का उपचार कर गांव लौटे हैं। दोनों गांवों के लोगों के पीलिया की चपेट में आने का कारण दूषित पानी पीना माना जा रहा है। बागी गांव में एकल पेयजल योजना है, जिसकी देखरेख खुद गांव के लोग करते हैं। जिस स्रोत से गांव के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है, वहां इन दिनों पानी कम हो गया है। पिछले दिनों गांव में हुई शादी-विवाह में लोगों ने टैंक में जमा पानी पिया था। माना जा रहा है कि टैंक में जमा बासी पानी पीने से ही लोगों पीलिया हुआ है।
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खेतपाली गांव में जल संस्थान पानी की आपूर्ति करता है, लेकिन वहां के चार लोग भी पीलिया की चपेट में हैं। जल संस्थान के जेई राजकिशोर पोखरियाल का कहना है कि दूषित पानी की आपूर्ति नहीं होने से इसके लिए बराबर ब्लीचिंग पाउडर टैंकों में डाला जाता है। टैंकों की सफाई और ब्लीचिंग पाउडर डालने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग की टीम की रिपोर्ट विभाग के पास उपलब्ध है।
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कोट
बागी और खेतपाली गांव के लोगों के पीलिया से ग्रसित होने की कोई सूचना नहीं है। डाक्टरों की टीम गांव में भेजकर पीलिया का उपचार किया जाएगा।
-डा. वाईएस थपलियाल, सीएमओ टिहरी।