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अगस्त से श्रीनगर-चौरास मोटर पुल पर आवाजाही शुरू
Updated Mon, 26 Jun 2017 10:39 PM IST
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श्रीनगर। बहुप्रतिक्षित श्रीनगर-चौरास मोटर पुल पर अगस्त माह से वाहन दौड़ने लगेेंगे। हालांकि पूर्व में कार्यदायी संस्था लोनिवि निर्माण खंड ने जून माह तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का दावा किया था। प्रदेश सरकार ने भी लोनिवि को 15 अगस्त तक वाहनों के आवागमन के लिए खोलने का टारगेट दिया हुुआ है।
केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के दोनों कैंपसों सहित श्रीनगर और चौरास क्षेत्र को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए वर्ष 2002 में घसिया महादेव-चौरास मोटर पुल स्वीकृत हुआ था। पुल का निर्माण कछुवा गति से शुरू हुआ। 25 मार्च 2012 को दिन में पुल के चौरास छोर पर लिंटर डाला गया और उसी रात को पुल ध्वस्त हो गया। इस घटना में एक अवर अभियंता और सात मजदूरों की मौत हो गई थी। तब इस पुल की लागत 16.50 करोड़ रुपये थी। पुल की उपयोगिता को देखते हुए शासन ने दोबारा से पुल निर्माण के आदेश दिए। पुराने ढांचे के ऊपर पुल निर्माण के लिए शासन ने 19.70 करोड़ रुपये मंजूर किए। वर्ष 2013 से पुल का दोबारा निर्माण कार्य शुरू हो गया, लेकिन समय पर बजट न मिल पाने के कारण पुल काम रुक-रुककर चलता रहा।
पूर्व में लोनिवि ने जून माह तक पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने की बात कही थी, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। मौजूदा समय में पुल का ढांचा पिलरों के ऊपर लगभग खड़ा हो गया है। सिर्फ 5 मीटर भाग ही शेष बचा है। ढांचे के फिट होने के बाद लोनिवि डेक (फर्श) निर्माण करने का काम करेगा।
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जुलाई माह में डेक का काम किया जाएगा। इस कार्य में लगभग एक माह का समय लग जाएगा। अगस्त माह तक पुल पर आवागमन चालू करने के प्रयास हैं। एसके तोमर, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड श्रीनगर
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केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के दोनों कैंपसों सहित श्रीनगर और चौरास क्षेत्र को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए वर्ष 2002 में घसिया महादेव-चौरास मोटर पुल स्वीकृत हुआ था। पुल का निर्माण कछुवा गति से शुरू हुआ। 25 मार्च 2012 को दिन में पुल के चौरास छोर पर लिंटर डाला गया और उसी रात को पुल ध्वस्त हो गया। इस घटना में एक अवर अभियंता और सात मजदूरों की मौत हो गई थी। तब इस पुल की लागत 16.50 करोड़ रुपये थी। पुल की उपयोगिता को देखते हुए शासन ने दोबारा से पुल निर्माण के आदेश दिए। पुराने ढांचे के ऊपर पुल निर्माण के लिए शासन ने 19.70 करोड़ रुपये मंजूर किए। वर्ष 2013 से पुल का दोबारा निर्माण कार्य शुरू हो गया, लेकिन समय पर बजट न मिल पाने के कारण पुल काम रुक-रुककर चलता रहा।
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पूर्व में लोनिवि ने जून माह तक पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने की बात कही थी, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। मौजूदा समय में पुल का ढांचा पिलरों के ऊपर लगभग खड़ा हो गया है। सिर्फ 5 मीटर भाग ही शेष बचा है। ढांचे के फिट होने के बाद लोनिवि डेक (फर्श) निर्माण करने का काम करेगा।
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जुलाई माह में डेक का काम किया जाएगा। इस कार्य में लगभग एक माह का समय लग जाएगा। अगस्त माह तक पुल पर आवागमन चालू करने के प्रयास हैं। एसके तोमर, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड श्रीनगर