{"_id":"5cb39624bdec221425447ed1","slug":"11555273252-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉ. आंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉ. आंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडर की जयंती पर रेलवे अनुसूचित जाति, जनजाति एसोसिएशन की ओर से रविवार को आयोजित कार्यक्रम में बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान वक्ताओं ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में शामिल सीनियर डीएमओ डॉ. आरके पांडे ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने न सिर्फ देश की आजादी में अपना योगदान दिया वरन भारतीय संविधान के निर्माण में अहम भूमिका भी निभायी। डॉ. आंबेडकर के बताए रास्ते पर ही चलकर देश व समाज में सौहार्द स्थापित किया जा सकता है। दलित साहित्य अकादमी के अध्यक्ष जयपाल सिंह ने कहा कि देश की वर्तमान पीढ़ी को डॉ. आंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है। डॉ. आंबेडकर ने सदैव सामाजिक समरसता व भाईचारे की बात कही। कार्यक्रम में संजय अमन, लोकेंद्र सिंह, रामवीर सिंह, समेत कई रेलवे अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडर की जयंती पर रेलवे अनुसूचित जाति, जनजाति एसोसिएशन की ओर से रविवार को आयोजित कार्यक्रम में बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान वक्ताओं ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में शामिल सीनियर डीएमओ डॉ. आरके पांडे ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने न सिर्फ देश की आजादी में अपना योगदान दिया वरन भारतीय संविधान के निर्माण में अहम भूमिका भी निभायी। डॉ. आंबेडकर के बताए रास्ते पर ही चलकर देश व समाज में सौहार्द स्थापित किया जा सकता है। दलित साहित्य अकादमी के अध्यक्ष जयपाल सिंह ने कहा कि देश की वर्तमान पीढ़ी को डॉ. आंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है। डॉ. आंबेडकर ने सदैव सामाजिक समरसता व भाईचारे की बात कही। कार्यक्रम में संजय अमन, लोकेंद्र सिंह, रामवीर सिंह, समेत कई रेलवे अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन