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साहब! आय प्रमाणपत्र बना दो, योजना के लिए आवेदन करना है
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साहब! आय प्रमाणपत्र बना दो, योजना के लिए आवेदन करना है
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। साहब! आय प्रमाणपत्र पर आख्या लगा दो, पिछले दस दिनों ने भटक रही हूं। मुझे समाज कल्याण विभाग में शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन करना है। अगर जल्द प्रमाणपत्र नहीं बना तो आवेदन नहीं कर पाऊंगी। बृहस्पतिवार को तहसील में इस तरह सहस्त्रधारा निवासी सुनीता ने पटवारी से गुहार लगाई। इसी तरह कई लोग तहसील में भटकते हुए मिले, लेकिन किसी ने उनकी समस्या नहीं सुनी।
समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद जांच में सामने आया कि लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर अवैध रूप से छात्रवृत्ति ले ली। इसके बाद एसटीएफ ने तहसील से आय प्रमाणपत्रों का ब्योरा मांगा है। जिसके विरोध में चार फरवरी से देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार चंपावत सहित पांच जिलों में पटवारियों ने कार्य बहिष्कार किया हुआ है। जिसमें वह आय प्रमाणपत्रों और जमीन के दाखिल खारिज में आख्या नहीं लगा रहे हैं। करीब पौने तीन महीने से लोग प्रमाणपत्रों और दाखिल खारिज के लिए परेशान हो रहे हैं।
लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद घिल्ड़ियाल का कहना है कि शासन इस बहिष्कार को गंभीरता से नहीं ले रहा है। पौने तीन माह बाद भी अभी तक आय की नीति निर्धारित नहीं की गई। इससे पटवारियों में रोष है।
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इस संबंध में तहसीलदार मुकेश रमोला का कहना है कि यह शासन स्तर का मामला है। वे इसमें कुछ नहीं कर सकते।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। साहब! आय प्रमाणपत्र पर आख्या लगा दो, पिछले दस दिनों ने भटक रही हूं। मुझे समाज कल्याण विभाग में शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन करना है। अगर जल्द प्रमाणपत्र नहीं बना तो आवेदन नहीं कर पाऊंगी। बृहस्पतिवार को तहसील में इस तरह सहस्त्रधारा निवासी सुनीता ने पटवारी से गुहार लगाई। इसी तरह कई लोग तहसील में भटकते हुए मिले, लेकिन किसी ने उनकी समस्या नहीं सुनी।
समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद जांच में सामने आया कि लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर अवैध रूप से छात्रवृत्ति ले ली। इसके बाद एसटीएफ ने तहसील से आय प्रमाणपत्रों का ब्योरा मांगा है। जिसके विरोध में चार फरवरी से देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार चंपावत सहित पांच जिलों में पटवारियों ने कार्य बहिष्कार किया हुआ है। जिसमें वह आय प्रमाणपत्रों और जमीन के दाखिल खारिज में आख्या नहीं लगा रहे हैं। करीब पौने तीन महीने से लोग प्रमाणपत्रों और दाखिल खारिज के लिए परेशान हो रहे हैं।
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लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद घिल्ड़ियाल का कहना है कि शासन इस बहिष्कार को गंभीरता से नहीं ले रहा है। पौने तीन माह बाद भी अभी तक आय की नीति निर्धारित नहीं की गई। इससे पटवारियों में रोष है।
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इस संबंध में तहसीलदार मुकेश रमोला का कहना है कि यह शासन स्तर का मामला है। वे इसमें कुछ नहीं कर सकते।