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आज हवन कर कैंडल मार्च निकालेंगे उपनलकर्मी
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आज हवन कर कैंडल मार्च निकालेंगे उपनलकर्मी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। ऊर्जा निगमों में तैनात उपनलकर्मी ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए गांधीगीरी का सहारा लिया है। त्रिपक्षीय समझौता वार्ता का एक वर्ष पूरा होने पर उत्तराखंड ऊर्जा कामगार संगठन के बैनर तले उपनलकर्मियों ने शुक्रवार को हवन करने के साथ ही शाम को ऊर्जा भवन में कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया है।
ऊर्जा कामगार संगठन के पदाधिकारियों और कर्मचारियाें की बैठक ऊर्जा भवन में हुई। जिसमें एक साल पहले 22 दिसंबर 2017 को शासन, प्रबंधन तथा संगठनों के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते पर बनी सहमतियों पर चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक साल बीत जाने के बावजूद सरकार व प्रबंधन के स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कर्मचारियों ने रोष जताते हुए कहा कि पहले अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए हड़ताल को प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके बाद सरकार ने ‘नो वर्क, नो पे’ का आदेश जारी कर दिया है। अदालत की ओर से आदेशित किया गया था कि राज्य सरकार सभी विभागों के सचिवों की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन करें और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं का निराकरण प्रत्येक तीन माह में संगठनों की बैठक बुलाकर करे, लेकिन अदालत के इस आदेश की अनदेखी की जा रही है। आज तक किसी भी प्रकार की कमेटी का गठन नहीं किया गया है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि त्रिपक्षीय समझौते के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में शनिवार को सुबह नौ से 10 बजे तक ऊर्जा भवन में हवन किया जाएगा, जबकि शाम साढ़े पांच बजे से ऊर्जा भवन परिसर में कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
बैठक में राकेश शर्मा, दीपक बेनीवाल, संदीप शर्मा, विनीत गुप्ता, विनोद कवि, सुशील शर्मा, बलवंत सिंह, मोहम्मद इलियास, किशन सेमवाल, राजीव खड़कवाल, नवनीत, रामकुमार, बुद्धि सिंह पंवार, जतन सैनी, बलराम, सोहन शर्मा, अमनेश धीमान, घनश्याम, तेजपाल सिंह, नीरज उनियाल, शीला बोरा आदि उपस्थित थे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। ऊर्जा निगमों में तैनात उपनलकर्मी ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए गांधीगीरी का सहारा लिया है। त्रिपक्षीय समझौता वार्ता का एक वर्ष पूरा होने पर उत्तराखंड ऊर्जा कामगार संगठन के बैनर तले उपनलकर्मियों ने शुक्रवार को हवन करने के साथ ही शाम को ऊर्जा भवन में कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया है।
ऊर्जा कामगार संगठन के पदाधिकारियों और कर्मचारियाें की बैठक ऊर्जा भवन में हुई। जिसमें एक साल पहले 22 दिसंबर 2017 को शासन, प्रबंधन तथा संगठनों के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते पर बनी सहमतियों पर चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक साल बीत जाने के बावजूद सरकार व प्रबंधन के स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कर्मचारियों ने रोष जताते हुए कहा कि पहले अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए हड़ताल को प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके बाद सरकार ने ‘नो वर्क, नो पे’ का आदेश जारी कर दिया है। अदालत की ओर से आदेशित किया गया था कि राज्य सरकार सभी विभागों के सचिवों की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन करें और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं का निराकरण प्रत्येक तीन माह में संगठनों की बैठक बुलाकर करे, लेकिन अदालत के इस आदेश की अनदेखी की जा रही है। आज तक किसी भी प्रकार की कमेटी का गठन नहीं किया गया है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि त्रिपक्षीय समझौते के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में शनिवार को सुबह नौ से 10 बजे तक ऊर्जा भवन में हवन किया जाएगा, जबकि शाम साढ़े पांच बजे से ऊर्जा भवन परिसर में कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
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बैठक में राकेश शर्मा, दीपक बेनीवाल, संदीप शर्मा, विनीत गुप्ता, विनोद कवि, सुशील शर्मा, बलवंत सिंह, मोहम्मद इलियास, किशन सेमवाल, राजीव खड़कवाल, नवनीत, रामकुमार, बुद्धि सिंह पंवार, जतन सैनी, बलराम, सोहन शर्मा, अमनेश धीमान, घनश्याम, तेजपाल सिंह, नीरज उनियाल, शीला बोरा आदि उपस्थित थे।
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