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करोड़ों की लागत से तैयार होगा कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट
देहरादून/ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jun 2013 11:03 AM IST
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जगह-जगह पसरे कूड़े और गंदगी से जल्द ही दूनवासियों को निजात मिल सकेगी। इसके लिए शीशमबाड़, सेलाकुई में कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। अब तक रोड़ा बने पर्यावरण मंत्रालय ने इसके लिए अनुमति दे दी है। सहस्रधारा रोड स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में जमा कूड़े से क्षेत्रवासियों की परेशानी और शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए दो साल पहले दून वैली वेस्ट मैनेजमेंट (डीबीडब्ल्यूएम) की ओर से शीशमबाड़ में कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना थी।
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शुरुआत में योजना अटक गई
शुरुआती फेज में पर्यावरण से एनओसी नहीं मिलने के कारण यह योजना अटक गई। इसके बाद डीबीडब्ल्यूएम ने चुप्पी साध ली। बाद में नगर निगम की ओर से इसके लिए प्रयास तेज किए गए। इसके बाद मेयर विनोद चमोली, मुख्य नगर अधिकारी अशोक कुमार और डीबीडब्ल्यूएम के डाइरेक्टर सिद्धार्थ जैन सोमवार को दिल्ली स्थित पर्यावरण मंत्रालय गए।
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इन लोगों की ओर से प्रजेंटेशन देने के बाद पर्यावरण मंत्रालय एनओसी देने को तैयार हुआ है। इससे राजधानी में कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि प्लांट का निर्माण 1.2 हेक्टेअर भूमि पर होगा। इसके निर्माण में लगभग दो वर्ष का समय लगने की संभावना जताई जा रही है।
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कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट के लिए लंबे समय से पर्यावरण विभाग की एनओसी के लिए प्रयास किया जा रहा था, जो कि अब संभव हो पाया है। निश्चित रूप से यह शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है।
-विनोद चमोली, मेयर
प्लांट निर्माण का काम रुकने से कंपनी को अब तक ढाई करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। जल्द निर्माण का काम शुरू कर योजना को पूर्ण करने का प्रयास किया जाएगा।
-सिद्धार्थ जैन, डाइरेक्टर, डीबीडब्ल्यूएम