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बेटे से बढ़कर दी परवरिश और आजादी
देहरादून/ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2013 11:18 AM IST
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बेटियों को कोख में ही कत्ल कर देने वाले मां-बाप के लिए आईना हैं पंजाब नेशनल बैंक के सीनियर मैनेजर कृष्ण गोपाल सिंह राठौर और उनकी पत्नी पूनम। इनकी चार बेटियां हैं, लेकिन इनकी परवरिश इन्होेंने बेटे से बढ़कर की है। इनकी एक बेटी कैप्टन नम्रता राठौर (26) भारतीय सेना की ओर से एवरेस्ट पर भेजे गए पहले महिला अभियान तक में शामिल रही हैं।
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इन्होंने अपनी हर बेटी को न केवल मन मुताबिक करियर चुनने की आजादी दी, बल्कि उनके आगे बढ़ने की राह भी प्रशस्त की। कृष्ण गोपाल सिंह बताते हैं कि हम दो ही बच्चे चाहते थे, लेकिन जिसे ईश्वर चाहे, उसे संसार में आने से कौन रोक सकता है। उसने हमें चार बेटियों से नवाजा। हमारी इच्छा थी कि बेटियां अपने पैरों पर खड़ी हाें और दूसराें के लिए मिसाल बनें। यह सपना पूरा हुआ।
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हमारी सबसे बड़ी बेटी 31 वर्षीय अमिता है, जिसकी कुछ समय पहले शादी की है। वह फैशन डिजाइनर हैं। उन्होंने अपना खुद का बुटीक है। इसके बाद 29 साल की सुमिता राठौर हैं, जो नई दिल्ली स्थित एक पब्लिशिंग और आर्ट हाउस में सीनियर मैनेजर है। फिर नम्रता हैं, जो एडवेंचर्स के लिए जान देती है। एवरेस्ट अभियान पूरा करने के लिए वह खासी चर्चा में रही। सबसे छोटी बेटी ख्याति है, जो ग्राफिक एरा से बीटेक कर रही है।
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सोचें, मां नहीं होती तो हम कहां से आते
इन चार गर्व से सिर ऊंचा कर देने वाली बेटियों की मां पूनम सिंह के अनुसार बेटी तो घर की रौनक है इस रौनक को कोई बुझा कैसे सकता है। सोचने की जरूरत है कि अगर हमारी मां नहीं होती तो हम कहां से आते। बेटी नहीं रहेगी तो संसार कैसे आगे बढ़ेगा।