{"_id":"7ae66ddc-e468-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"sants-waithing-for-cleanup-of-the-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"केदारनाथ मंदिर की सफाई के इंतजार में साधु-संत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केदारनाथ मंदिर की सफाई के इंतजार में साधु-संत
हरिद्वार/ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jul 2013 10:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीर्थ स्थलों की मर्यादा बचाने के लिए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के सानिध्य में लगातार चिंतन चल रहा है। जैसे ही केदारनाथ में मंदिर की सफाई हो जाएगी, शवों का दाह संस्कार हो जाएगा। हरिद्वार से संतों का जत्था पूजा-अर्चना शुरू करने के लिए केदारनाथ पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से मिल रहे संत
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से विभिन्न संप्रदायों के संतों का मिलना जारी है। संन्यासियों के अलावा बैरागी, उदासीन और निर्मले संत भी शंकराचार्य से मिलने पहुंच रहे हैं। सभी केदारनाथ सहित विभिन्न धर्मस्थलों की वर्तमान व्यवस्थाओं पर चिंतन कर रहे हैं।
विज्ञापन
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, चिन्मयानंद सरस्वती, हरिनारायणानंद, डा. श्यामसुंदर दास शास्त्री, रवींद्र पुरी, ऋषिश्वरानंद आदि के साथ-साथ पंचपुरी षड़दर्शन साधु समाज के संत भी शंकराचार्य से निर्देश प्राप्त कर रहे हैं। सभी ने जगद्गुरु को आश्वस्त किया कि जिस दिन उनका आदेश होगा, साधु-संत केदारनाथ में पूजा के लिए रवाना हो जाएंगे।
विज्ञापन
साधु-संत कर रहे आकलन
उत्तराखंड की यात्रा ठप होने से राज्य पर पड़ रहे प्रभाव का भी साधु-संत आकलन कर रहे हैं। स्वामी श्रीधरानंद के अनुसार शंकराचार्य इससे आहत हैं कि भीषण आपदा से प्रदेशवासियों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। उत्तराखंड के लोगों को शक्ति प्रदान करने के लिए शंकराचार्य के कनखल स्थित मठ में अनुष्ठान जारी है।