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इस बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि
देहरादून/ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2013 11:32 AM IST
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बेटी अगर कनिका जैसी हो तो कोई भी मां-बाप बेटा क्यों चाहे भला। कनिका विमला गौतम की तीन बेटियों में सबसे छोटी है। पिता श्रीचंद गौतम का तकरीबन डेढ़ साल पहले 2011 में देहांत हुआ तो न केवल कनिका ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी, बल्कि समस्त क्रियाएं भी स्वयं संपन्न कराईं।
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अदा किया बेटे का फर्ज
देखने वाले एक बेटी को बेटे का कर्म करते देख विस्मित रह गए, लेकिन कनिका ने किसी की परवाह नहीं की। बेटे का फर्ज अदा किया। इतना ही नहीं, पिता की मृत्यु के पश्चात अब वह 75 वर्षीया मां विमला की देख-रेख कर रही है। आर्मी स्कूल में पढ़ाने का काम कर रही कनिका को स्वयं पर गर्व है, वहीं विमला भी बेटियाें पर इतराती हैं। 18 साल पहले दो बेटियों की शादी कर चुकी हैं। एक बेटी रीना ग्रीन फील्ड स्कूल संभालती हैं, जबकि दूसरी लीना श्रीगंगानगर (राजस्थान) में ब्याही हैं। रोज फोन पर मां के हाल-चाल पूछना नहीं भूलतीं।
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हम भी सात बहनें थीं पर पिता ने भेद नहीं किया
विमला गौतम के बकौल वह स्वयं भी सात बहनें थीं, लेकिन पिता ने कभी भी उनके साथ पढ़ाने, लिखाने को लेकर भेदभाव नहीं किया। विमला गौतम ने बाद में अपनी शिक्षा का सदुपयोग करते हुए वेल्हम्स में पढ़ाया भी।
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कन्या जीवनदायिनी समिति में भी किया काम
बेटियों के प्रति अनुचित व्यवहार को देखकर मन व्यथित होता है। विमला गौतम के अनुसार लोगों की बेटियों को लेकर इसी वृत्ति को देखते हुए कन्या जीवनदायिनी समिति में भी काम किया। संतोष है किसी भी तरह इस नेक काम से जुड़ी।