फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   उत्तराखंड का बढ़ा रही मान, नहीं मिला सम्मान

उत्तराखंड का बढ़ा रही मान, नहीं मिला सम्मान

Sat, 10 Aug 2013 05:35 AM IST
Dehradun
Dehradun Updated Sat, 10 Aug 2013 05:35 AM IST
विज्ञापन
देहरादून। अल्मोड़ा स्टेडियम में क्रिकेट खेलकर अपनी शुरुआत करने वाली एकता बिष्ट आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रमुख गेंदबाज हैं। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने एकता की प्रतिभा को देखकर अपनी रणजी टीम का अंग बनाया और आगे बढ़ने में पूरी मदद की। मगर अपने ही राज्य में एकता आज भी सरकार की बेरुखी का शिकार है। न तो एकता को कभी सम्मान मिला और न उत्तराखंड सरकार से प्रोत्साहन। उत्तर प्रदेश और रेलवे की सहायता से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का मान बढ़ा रही एकता को आज भी अपनी संस्कृति और उत्तराखंड से बहुत प्यार है।
विज्ञापन



उत्तराखंड में क्रिकेट एसोसिएशन की लड़ाई 12 वर्षों से चल रही है, इस कारण यहां के क्रिकेटरों के सामने आगे बढ़ने के रास्ते लगभग बंद हैं। बावजूद अल्मोड़ा के खजांची मोहल्ले से निकलकर एकता बिष्ट आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाने में सफल रहीं हैं। यहां तक कि उत्तर प्रदेश की टी-20 और एक दिवसीय टीम की कमान भी एकता को सौंपी गई है। उत्तराखंड की एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेटर बनने के बाद भी एकता बिष्ट को अभी तक सम्मान नहीं मिल सका है। श्रीलंका में हुए टी-20 विश्व कप से बाहर होने के बाद क्वालीफाइंग मैच में एकता ने हैट्रिक लेकर नया कीर्तिमान बनाया मगर यह भी राज्य सरकार को मामूली ही लगा। एकता के कोच लियाकत अली बताते हैं कि 2013 के शुरुआती महीने में पटवारी के हाथों राज्य सरकार ने एकता बिष्ट को 25 हजार रुपये का चेक भिजवाया था, लेकिन एकता ने वो लौटा दिया। उन्होंने कहा कि एकता को जितना मान राष्ट्रीय और उत्तर प्रदेश की टीम में रहते हुए उत्तर प्रदेश में मिल रहा है, उतना राज्य में शायद ही कभी मिला हो। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से भी मिल चुके हैं, लेकिन वहां से भी सिर्फ आश्वासन ही मिला।
विज्ञापन


बल्लेबाज बनना चाहती थीं एकता
हुक्का क्लब में लड़काें के साथ शौकिया क्रिकेट खेलने वाली पूर्व सैनिक कुंदर सिंह बिष्ट की पुत्री एकता बिष्ट आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की मुख्य स्पिन गेंदबाज हैं। करीब 6 साल की उम्र में पहली बार बैट थामने वाली एकता को बल्लेबाजी करना बहुत पसंद था। 2001 में एकता ने अल्मोड़ा स्टेडियम ज्वाइन किया। कोच लियाकत अली ने उन्हें गेंदबाज बनने की सलाह दी। इसके बाद एकता बांए हाथ की ऑफ ब्रेक गेंदबाज बनकर उभरीं। 2003 में कुमाऊं विश्वविद्यालय की कमान संभालने वाली एकता के अंतरराष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2011 में टी-20 मैच से हुई। इसके बाद एकता टी-20 और वन डे विश्व कप, एशिया कप में भी अपने खेल का जलवा बिखेर चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed