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दूसरों की जिंदगी में भर जाइये उजाला

Fri, 26 Jul 2013 05:33 AM IST
Dehradun
Dehradun Updated Fri, 26 Jul 2013 05:33 AM IST
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देहरादून/रजा शास्त्री। समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने वाली उम्र में उत्तराखंड के 80 हजार से अधिक लोगों की दुनिया आंखों में कार्निया की खराबी के कारण अंधेरी है। डाक्टरों का कहना है कि अगर लोग नेत्रदान करें तो इन लोगों की जिंदगी में रोशनी आ सकती है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों को रोशनी मिल सकती है।
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कार्नियल अंधता से पीड़ित लोगों में बच्चे भी हैं। खेल-खेल में इनकी आंखों में चोट लग गई थी, जिससे उनकी आंखों की कार्निया डैमेज हो गई है। बच्चों के अलावा अधेड़ भी कार्नियल अंधता से पीड़ित हैं। उत्तराखंड आफ्थेलोमोलोजिकल सोसाइटी और अस्पतालों के नेत्र रोग विभाग के शिविरों के आंकड़ों के मुताबिक अंधता पीड़ित कुल रोगियों में आठ फीसदी की आंखों की रोशनी कार्निया की खराबी के कारण गई है।
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सोसाइटी के सचिव सीनियर आई सर्जन डा. ब्रजभूषण ने बताया कि शिविरों के माध्यम से नेत्र रोगों के अलग-अलग मरीजों के आंकड़े मिले हैं। साल में 12 कैंप लगाए गए थे। प्रत्येक शिविर में औसत दो सौ रोगी आए। इनमें कार्निया के मरीजों की संख्या आठ से दस फीसदी रही है। कार्नियल अंधता से पीड़ित रोगियों में अधिक संख्या ग्रामीण अंचलों में रहने वालों की है। डा. ब्रजभूषण का कहना है कि लोग नेत्रदान करें तो ऐसे लोग फिर देख सकते हैं।
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श्रीलंका में लोग शत-प्रतिशत करते हैं नेत्रदान
उत्तराखंड आफ्थेलोमोलोजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष सीनियर आई सर्जन डा एमएस रावत ने बताया कि श्रीलंका में लोग शत-प्रतिशत नेत्रदान करते हैं। इससे वहां कार्नियल अंधता की दिक्कत नहीं है। देश और प्रदेश में भी लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक होना चाहिए। हम उतने लोगों की दुनिया को रोशन कर ही दें जो ठीक हो सकते हैं।
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