{"_id":"11-67478","slug":"Dehradun-67478-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने धक्के मारकर सभी को निकाला बाहर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस ने धक्के मारकर सभी को निकाला बाहर
Dehradun
Updated Fri, 26 Jul 2013 05:33 AM IST
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देहरादून। यूकेडी कार्यालय पर कब्जे के लिए बृहस्पतिवार को त्रिवेंद्र सिंह पंवार और काशी सिंह ऐरी भिड़ गए। इस दौरान दोनों के समर्थकों ने एक दूसरे को जमकर पीटा। महिलाओं ने एक दूसरे के बाल खींचकर मारपीट की। एक दूसरे के ऊपर कुर्सियां फेंकी गईं। जमकर मारपीट और तोड़फोड़ के बाद कुछ लोगाें ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठियां बरसाकर कार्यकर्ताओं को कार्यालय से खदेड़ दिया। पंवार और ऐरी को जबरन बाहर निकाला गया। पुलिस ने ऐरी गुट के 21 और पंवार गुट के 39 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। रिहा होने के बाद पंवार गुट के कार्यकर्ता फिर दफ्तर पहुंचे और हंगामा करने लगे तो पुलिस ने उन्हें फिर खदेड़ दिया।
बृहस्पतिवार को उत्तराखंड क्रांति दल के कचहरी रोड स्थित केंद्रीय कार्यालय में ऐरी गुट की ओर से श्रीदेव सुमन श्रद्धांजलि सभा और पार्टी का स्थापना दिवस समारोह मनाया जा रहा था। शाम करीब 4.05 मिनट पर त्रिवेंद्र सिंह पंवार करीब 150 समर्थकों के साथ यहां पहुंचे और अध्यक्ष के कमरे में घुस गए। उनके समर्थक भी अन्य कमरों में घुस गए। दूसरी ओर, काशी सिंह ऐरी समर्थकों के साथ बाहर सभा में बैठे रहे।
इस दौरान दोनों पक्षों में नारेबाजी की जंग शुरू हो गई। तभी कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में रखी कुर्सियां तोड़नी शुरू कर दीं। इसी दौरान पंवार गुट की रेखा मिया और ऐरी गुट की आशा शर्मा की जुबानी जंग मारपीट में बदल गई। दोनों को बमुश्किल अलग किया जा सका। इसके बाद एक महिला कार्यकर्ता ने पत्थर और ईंट के टुकड़े पुलिस कर्मियों के ऊपर फेंकने लगे। इस पर पुलिसकर्मियों ने लाठियां बरसानी शुरू कर दी। पुलिस की सख्ती के बाद परिसर खाली हो गया। दूसरी ओर बिल्डिंग के अंदर घुसे पंवार व अन्य कार्यकर्ताओं ने दरवाजे अंदर से बंद कर लिए। हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे सीओ सिटी हरीश चंद्र सती ने दरवाजे खुलवाकर सभी को बाहर निकाला और परिसर खाली करा लिया।
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जमीन पर बैठे ऐरी
रंग में भंग पड़ने से नाराज काशी सिंह ऐरी समर्थकों के साथ परिसर में जमीन पर ही बैठ गए। पंवार के ऐतराज जताने पर पुलिस ने ऐरी सहित सभी को जबरन उठाकर कार्यालय से बाहर कर दिया। हंगामे के बाद रेखा और प्रमिला को भी परिसर से बाहर कर बसों में बैठाया गया।
टेंट और मेज-कुर्सी तोड़ा
पंवार गुट के लोगों ने हंगामे के दौरान परिसर में लगा टेंट तोड़ दिया। साथ ही टेबल-कुर्सियों को भी। इस दौरान कई मीडियाकर्मी चोटिल होने से बाल-बाल बचे। हंगामा कर रहे लोगों ने खाने के बर्तन बाहर फेंक दिए और पानी का गैलन तोड़ दिया।
तार में उलझकर गिरे, बोला पुलिस ने मारा
कुर्सियां तोड़ रहे और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता कर रहे लोगों को पुलिस ने खदेड़ा तो टिहरी से आए पंवार गुट के सुरिम सिंह तोपवाल तार में उलझकर गिर गए। उनके कुछ साथी उनके ऊपर से कूदकर भाग निकले। बाद में साथी को घायल देख प्रदर्शनकारी पुलिस पर मारने का आरोप लगाने लगे।
लट्ठ बरसे तो काफूर हुआ जोश
पंवार गुट ने जमकर हंगामा काटा, लेकिन पुलिस का डंडा चलते ही उनका जोश गायब हो गया। सभी बचने के लिए यहां-वहां भागने लगे। पंवार भी कार्यालय की चहारदीवारी के बाहर सड़क से पुलिस को कोसते दिखाई दिए। उनके कई समर्थक गिरफ्तारी के बाद पुलिस से घर जाने देने की गुहार लगाते रहे।
कौन-कौन रहे शामिल
ऐरी गुट: काशी सिंह ऐरी, बीडी रतूड़ी, नरेंद्र रावत, शैलेश गुलेरी, सुरेंद्र कुकरेती, कुंती बोरा, विजया ध्यानी, नरेंद्र कुकरेती, राजेंद्र सिंह बिष्ट, पंकज व्यास, बहादुर सिंह रावत, आशा शर्मा, राजेंद्र, नवल कुमार गुसाईं, पुष्पा ममगाईं, चंद्रकला आदि।
पंवार गुट: त्रिवेंद्र सिंह पंवार, योगीनाथ, लताफत हुसैन, एपी जुयाल, शांति प्रसाद भट्ट, शशिभूषण भट्ट, मनमोहन लखेड़ा, विरेंद्र मोहन, जयप्रकाश, फुरकान अहमद, प्रमोद डोभाल, सूमी अहमद, प्रमिला रावत, रेखा मिया, सुलोचना बहुगुणा, गीता बिष्ट आदि
जेल से लौटे और फिर भिड़ने पहुंचे
जेल से रिहा होने के बाद पंवार गुट के कार्यकर्ता दुुबारा उक्रांद के केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने पहले उन्हें समझाया, लेकिन जब नहीं माने तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। इसके बाद वहां पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।
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बृहस्पतिवार को उत्तराखंड क्रांति दल के कचहरी रोड स्थित केंद्रीय कार्यालय में ऐरी गुट की ओर से श्रीदेव सुमन श्रद्धांजलि सभा और पार्टी का स्थापना दिवस समारोह मनाया जा रहा था। शाम करीब 4.05 मिनट पर त्रिवेंद्र सिंह पंवार करीब 150 समर्थकों के साथ यहां पहुंचे और अध्यक्ष के कमरे में घुस गए। उनके समर्थक भी अन्य कमरों में घुस गए। दूसरी ओर, काशी सिंह ऐरी समर्थकों के साथ बाहर सभा में बैठे रहे।
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इस दौरान दोनों पक्षों में नारेबाजी की जंग शुरू हो गई। तभी कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में रखी कुर्सियां तोड़नी शुरू कर दीं। इसी दौरान पंवार गुट की रेखा मिया और ऐरी गुट की आशा शर्मा की जुबानी जंग मारपीट में बदल गई। दोनों को बमुश्किल अलग किया जा सका। इसके बाद एक महिला कार्यकर्ता ने पत्थर और ईंट के टुकड़े पुलिस कर्मियों के ऊपर फेंकने लगे। इस पर पुलिसकर्मियों ने लाठियां बरसानी शुरू कर दी। पुलिस की सख्ती के बाद परिसर खाली हो गया। दूसरी ओर बिल्डिंग के अंदर घुसे पंवार व अन्य कार्यकर्ताओं ने दरवाजे अंदर से बंद कर लिए। हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे सीओ सिटी हरीश चंद्र सती ने दरवाजे खुलवाकर सभी को बाहर निकाला और परिसर खाली करा लिया।
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जमीन पर बैठे ऐरी
रंग में भंग पड़ने से नाराज काशी सिंह ऐरी समर्थकों के साथ परिसर में जमीन पर ही बैठ गए। पंवार के ऐतराज जताने पर पुलिस ने ऐरी सहित सभी को जबरन उठाकर कार्यालय से बाहर कर दिया। हंगामे के बाद रेखा और प्रमिला को भी परिसर से बाहर कर बसों में बैठाया गया।
टेंट और मेज-कुर्सी तोड़ा
पंवार गुट के लोगों ने हंगामे के दौरान परिसर में लगा टेंट तोड़ दिया। साथ ही टेबल-कुर्सियों को भी। इस दौरान कई मीडियाकर्मी चोटिल होने से बाल-बाल बचे। हंगामा कर रहे लोगों ने खाने के बर्तन बाहर फेंक दिए और पानी का गैलन तोड़ दिया।
तार में उलझकर गिरे, बोला पुलिस ने मारा
कुर्सियां तोड़ रहे और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता कर रहे लोगों को पुलिस ने खदेड़ा तो टिहरी से आए पंवार गुट के सुरिम सिंह तोपवाल तार में उलझकर गिर गए। उनके कुछ साथी उनके ऊपर से कूदकर भाग निकले। बाद में साथी को घायल देख प्रदर्शनकारी पुलिस पर मारने का आरोप लगाने लगे।
लट्ठ बरसे तो काफूर हुआ जोश
पंवार गुट ने जमकर हंगामा काटा, लेकिन पुलिस का डंडा चलते ही उनका जोश गायब हो गया। सभी बचने के लिए यहां-वहां भागने लगे। पंवार भी कार्यालय की चहारदीवारी के बाहर सड़क से पुलिस को कोसते दिखाई दिए। उनके कई समर्थक गिरफ्तारी के बाद पुलिस से घर जाने देने की गुहार लगाते रहे।
कौन-कौन रहे शामिल
ऐरी गुट: काशी सिंह ऐरी, बीडी रतूड़ी, नरेंद्र रावत, शैलेश गुलेरी, सुरेंद्र कुकरेती, कुंती बोरा, विजया ध्यानी, नरेंद्र कुकरेती, राजेंद्र सिंह बिष्ट, पंकज व्यास, बहादुर सिंह रावत, आशा शर्मा, राजेंद्र, नवल कुमार गुसाईं, पुष्पा ममगाईं, चंद्रकला आदि।
पंवार गुट: त्रिवेंद्र सिंह पंवार, योगीनाथ, लताफत हुसैन, एपी जुयाल, शांति प्रसाद भट्ट, शशिभूषण भट्ट, मनमोहन लखेड़ा, विरेंद्र मोहन, जयप्रकाश, फुरकान अहमद, प्रमोद डोभाल, सूमी अहमद, प्रमिला रावत, रेखा मिया, सुलोचना बहुगुणा, गीता बिष्ट आदि
जेल से लौटे और फिर भिड़ने पहुंचे
जेल से रिहा होने के बाद पंवार गुट के कार्यकर्ता दुुबारा उक्रांद के केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने पहले उन्हें समझाया, लेकिन जब नहीं माने तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। इसके बाद वहां पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।