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डीपीसी और वेतन विसंगति पर सीएम से मिलेगा मोर्चा
Dehradun
Updated Sat, 12 Jan 2013 05:30 AM IST
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देहरादून। उत्तराखंड अधिकारी, कर्मचारी शिक्षक संघर्ष मोर्चा की बैठक में डीपीसी और वेतन विसंगति के मसले पर मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय किया गया। तय हुआ कि 25 को आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
शुक्रवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में मोर्चे के मुख्य संयोजक एसएस वल्दिया ने कहा कि जिन विभागों में प्रमोशन और वेतन विसंगति की समस्या है, उनके पदाधिकारी अपने स्तर से प्रयास करें। समाधान न होने पर मोर्चा को जानकारी दी जाए। बैठक में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया गया। तय हुआ कि बजट सत्र से पहले प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में लगातार आंदोलनात्मक कार्यक्रम हाेंगे। सांसदों और विधायकों से मुलाकात भी की जाएगी।
बैठक में यशवंत रावत, नवीन नैथानी, दीपक जोशी, इंद्रा देवी, सरदार सिंह चौहान, डीसी नौटियाल, हरीश डबराल, विक्रम सिंह नेगी, बीबीएस रावत, मनोज कुमार बडोनी, बसंत डंडरियाल, मुकेश बहुगुणा आदि मौजूद थे। बैठक का संचालन ठाकुर प्रहलाद सिंह ने किया।
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नहीं हुआ दोनों गुटों का विलय
बैठक में भाकुनी और वल्दिया गुटों का विलय कर मोर्चे का गठन होना था। लेकिन मोर्चे के भाकुनी गुट से न तो मुख्य संयोजक गिरधर सिंह भाकुनी न ही उनका कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा। मोर्चे के संयोजक पूर्णानंद नौटियाल ने बताया कि मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कोई प्रतिनिधि बैठक में नहीं जा सका। ऐसे में यह मसला 25 जनवरी तक टाल दिया गया है। अब 25 को ही विधिवत मोर्चे के गठन की बात कही जा रही है।
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शुक्रवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में मोर्चे के मुख्य संयोजक एसएस वल्दिया ने कहा कि जिन विभागों में प्रमोशन और वेतन विसंगति की समस्या है, उनके पदाधिकारी अपने स्तर से प्रयास करें। समाधान न होने पर मोर्चा को जानकारी दी जाए। बैठक में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया गया। तय हुआ कि बजट सत्र से पहले प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में लगातार आंदोलनात्मक कार्यक्रम हाेंगे। सांसदों और विधायकों से मुलाकात भी की जाएगी।
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बैठक में यशवंत रावत, नवीन नैथानी, दीपक जोशी, इंद्रा देवी, सरदार सिंह चौहान, डीसी नौटियाल, हरीश डबराल, विक्रम सिंह नेगी, बीबीएस रावत, मनोज कुमार बडोनी, बसंत डंडरियाल, मुकेश बहुगुणा आदि मौजूद थे। बैठक का संचालन ठाकुर प्रहलाद सिंह ने किया।
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नहीं हुआ दोनों गुटों का विलय
बैठक में भाकुनी और वल्दिया गुटों का विलय कर मोर्चे का गठन होना था। लेकिन मोर्चे के भाकुनी गुट से न तो मुख्य संयोजक गिरधर सिंह भाकुनी न ही उनका कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा। मोर्चे के संयोजक पूर्णानंद नौटियाल ने बताया कि मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कोई प्रतिनिधि बैठक में नहीं जा सका। ऐसे में यह मसला 25 जनवरी तक टाल दिया गया है। अब 25 को ही विधिवत मोर्चे के गठन की बात कही जा रही है।