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पेयजल निगम में अनिश्चितकालीन तालाबंदी शुरू
Dehradun
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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देहरादून। अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार से पेयजल निगम कर्मचारियों और अधिकारियों ने मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन तालाबंदी शुरू कर दी। सुबह दस बजे नारेबाजी के साथ कर्मचारी मोहिनी रोड स्थित कार्यालय पर पहुंचे और चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगे नहीं मानी गई तो प्रदेशभर में हड़ताल कर दी जाएगी।
पेयजल निगम मुख्यालय में तालाबंदी के बाद हुई अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति (पेयजल निगम) की बैठक में निर्णय लिया गया कि मांगों के अनुरूप शासनादेश जारी न होने तक तालाबंदी जारी रहेगी। अधिशासी अभियंता एससी पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। समिति के मुख्य संयोजक संजीव कुमार दोसाद ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, राशिकरण का भुगतान नहीं हुआ है। तालाबांदी करने वालों में बीके जैन, एमके गुप्ता, जितेंद्र देव, एमएस रावत, सुरेश थापा आदि शामिल थे।
ये हैं मांगें
-सेवानिवृत्त कार्मिकों के सेवानिवृत्त लाभों के भुगतान के लिए 15 करोड़ का अनुदान पेयजल निगम को दिया जाए।
-भविष्य में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लाभों एवं पेंशन के भुगतान के लिए 25 करोड़ रुपये या वास्तविक देयता, जो भी कम हो, का वार्षिक अनुदान प्रतिवर्ष तीन किश्तों को निगम को दिया जाए।
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-पेयजल निगम द्वारा कराए गए कार्यों पर 12.50 प्रतिशत के स्थान पर 15 प्रतिशत सेंटेज दिया जाए। इससे कार्मिकों के अधिष्ठान व्यय की प्रतिपूर्ति न होने पर वास्तविक अधिष्ठान सेंटेज के अंतर की धनराशि की प्रतिपूर्ति समझौते के तहत शासन द्वारा वहन की जाए।
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पेयजल निगम मुख्यालय में तालाबंदी के बाद हुई अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति (पेयजल निगम) की बैठक में निर्णय लिया गया कि मांगों के अनुरूप शासनादेश जारी न होने तक तालाबंदी जारी रहेगी। अधिशासी अभियंता एससी पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। समिति के मुख्य संयोजक संजीव कुमार दोसाद ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, राशिकरण का भुगतान नहीं हुआ है। तालाबांदी करने वालों में बीके जैन, एमके गुप्ता, जितेंद्र देव, एमएस रावत, सुरेश थापा आदि शामिल थे।
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ये हैं मांगें
-सेवानिवृत्त कार्मिकों के सेवानिवृत्त लाभों के भुगतान के लिए 15 करोड़ का अनुदान पेयजल निगम को दिया जाए।
-भविष्य में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लाभों एवं पेंशन के भुगतान के लिए 25 करोड़ रुपये या वास्तविक देयता, जो भी कम हो, का वार्षिक अनुदान प्रतिवर्ष तीन किश्तों को निगम को दिया जाए।
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-पेयजल निगम द्वारा कराए गए कार्यों पर 12.50 प्रतिशत के स्थान पर 15 प्रतिशत सेंटेज दिया जाए। इससे कार्मिकों के अधिष्ठान व्यय की प्रतिपूर्ति न होने पर वास्तविक अधिष्ठान सेंटेज के अंतर की धनराशि की प्रतिपूर्ति समझौते के तहत शासन द्वारा वहन की जाए।