दो वाहनों से फिर पकड़ा गया कालाधन, रकम गिनी तो पुलिस हैरान
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कालाधन बाहर आने लगा है। दो वाहनों से फिर चैकिंग के दौरान पुलिस ने कालाधन बरामद किया। गिनती की तो पुलिस भी हैरान रह गई। पानीपत में 39.40 लाख और कैथल में इससे पहले दिन 22 लाख रुपये की करेंसी बरामद की है।
पुलिस ने नोटों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आयकर के डिप्टी कमिश्नर ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। कैथल में बरामद नोट पुराने तो पानीपत में बरामद करेंसी में 1.40 लाख की नई और शेष पुरानी है।
पुलिस ने फिलहाल इन्हें काला धन मानकर कब्जे में लिया है। नोट ले जा रहे लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। पानीपत में मीडिया से रूबरू डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन ने बताया कि सीआईए-टू पानीपत ने मंगलवार रात को विशेष चेकिंग के दौरान जीटी रोड पर समालखा स्थित छौक्कर पेट्रोल पंप के पास एक करेटा गाड़ी को रुकवाया और उसकी तलाशी ली।
गाड़ी से 23.40 लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस ने गाड़ी सवार पानीपत के राजाखेड़ी निवासी रमन मलिक और कुलवंत को हिरासत में ले लिया। इसमें 22 लाख रुपये की करेंसी (एक-एक हजार के नोट) और 1.40 लाख की दो-दो हजार की नई करेंसी थी।
आयकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर ने की मामले की तहकीकात
आयकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर (आईटी) प्रेम सिंह ने भी मामले की तहकीकात की। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 102 के तहत पकड़ी गई राशि को काला धन मानते हुए जब्त कर लिया। रमन मलिक और कुलवंत को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
रमन मलिक ने पुलिस को बताया कि वह अपने पिता राजकुमार मलिक के कहने पर दिल्ली से पेमेंट लेकर आया था। दिल्ली में एक व्यक्ति ने उसको यह रकम दी थी। वहीं मॉडल टाउन थाना पुलिस ने बुधवार शाम असंध नहर नाके पर दिल्ली की तरफ से असंध रोड बाईपास से आती एक गाड़ी को शक के आधार पर रुकवाया।
गाड़ी में ड्राइवर शैलेंद्र हाल निवासी रेलवे रोड आजादपुर, दिल्ली और मूल निवासी यूपी एवं मालिक राजेश जैन निवासी शालीमार बाग दिल्ली सवार थे। मॉडल टाउन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमित कुमार व असंध नाका प्रभारी कृष्ण सरोहा ने बताया कि पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो डिक्की में रखी स्टेपनी के नीचे एक लाल रंग के बैग में करीब 16 लाख रुपये बरामद किए।
इसमें 278 नोट एक-एक हजार व बाकी नोट पांच-पांच सौ रुपये के (सभी पुराने) मिले। आयकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रेम सिंह सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे पेमेंट दिल्ली से लेकर आए थे। राजेश के अनुसार सफीदों में उनकी दुकान है और वे ये कैश वहीं ले जा रहे थे।
कैथल में पकड़ी गई 22 लाख की करेंसी
तितरम पुलिस ने एक बोलेरो गाड़ी से 22 लाख रुपये की पुरानी करेंसी सहित तीन लोगों को काबू किया है। इसमें 1000 व 500 के पुराने नोट शामिल हैं। पुलिस के सामने नोटों से भरे बैग के बारे में तीन व्यक्ति कोई ठोस सबूत नहीं पेश कर सके है।
पुलिस ने गाड़ी और पैसों को करनाल इनकम टैक्स विभाग के माध्यम से कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि यह राशि शहर के किसी बड़े तकनीकी शिक्षण संस्थान की है।
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि सूत्रों से एक मिली जानकारी पर थाना प्रबंधक तितरम सब इंस्पेक्टर मंदीप सिंह की अगुवाई में एएसआई धर्मपाल, एएसआई वजीर सिंह पुलिस कर्मियों संग 29 नवंबर की दोपहर तितरम चौक पर नाकाबंदी किए हुए थे।
पुलिस ने असंध की तरफ से आई एक बोलेरो गाड़ी को रुकवाया, जिसमें चालक सहित तीन व्यक्ति सवार थे। उन्होंने अपनी पहचान मुकेश कुमार निवासी डोगरा गेट कैथल, सुरेश कुमार निवासी झमौला जिला जींद व चालक विपिन निवासी तितरम बताई।
गाड़ी के बीच वाली सीट पर बैठे मुकेश के साथ रखे काले रंग के सूटकेस को पुलिस ने चेक किया गया तो उसमें नोट भरे मिले। मुकेश ने बताया कि ये नकदी उसकी है परंतु नकदी को अपने कब्जे में रखने बारे वह कोई ठोस सुबूत पेश नहीं कर सका।
सूचना पर कुछ समय बाद करनाल से इनकम टैक्स के डिप्टी डयरेक्टर प्रेम सिंह, इंस्पेक्टर शिवचरण, इंस्पेक्टर ललित गुप्ता की टीम मौके पर पहुंची। तीनों व्यक्तियों के सामने नोटों की गिनती की गई तो 50 नोट एक-एक हजार वाले व 4300 नोट 500-500 वाले सहित कुल 22 लाख रुपये की पुरानी करेंसी बरामद हुई। इनकम टैक्स विभाग के माध्यम से 22 लाख रुपये के नोट व गाड़ी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।