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Hindi News ›   Crime ›   sonipat, income 4.09 lakhs show 84 thousand, 134 a

पति-पत्नी की इनकम 4.09 लाख, बेटा फ्री पढ़ाने को 84 हजार दिखाई

Thu, 04 May 2017 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत। Updated Thu, 04 May 2017 12:14 AM IST
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जिस नियम 134 ए के तहत बच्चों का प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन कराने के लिए खूब हंगामा किया गया, उसमें बच्चों का फ्री एडमिशन कराने के लिए लोगों ने बड़े फर्जीवाड़े करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिले में ऐसे ही फर्जीवाड़े के मामले पकड़ में आए हैं। किसी ने अपने बेटे को फ्री पढ़वाने के लिए पत्नी के नाम का केवल 84 हजार रुपये की आय का शपथ पत्र बनवाकर उसे अधिकारी से प्रमाणित कराकर स्कूल में जमा करा दिया, जबकि पिता का आय प्रमाण पत्र मांगा गया तो उस परिवार की आय 4.09 लाख रुपये निकली। किसी ने अपने बच्चे की पहली क्लास छुड़वाकर दूसरी के लिए टेस्ट दिला दिया और उसके लिए पहली क्लास की टीसी भी ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल से फर्जी बनवा ली गई। इस तरह के एक दर्जन से ज्यादा मामले पकड़ में आए हैं, जिनकी शिकायत स्कूल संचालकों ने सबूत के साथ डीईईओ, तहसीलदार व अन्य अधिकारियों के पास की गई है। अकेले सेक्टर 15 के डीएवी मल्टीपर्पज स्कूल में ही इस तरह के चार मामले सामने आए हैं तो अन्य स्कूलों में भी फर्जीवाड़े पकड़े गए। अधिकारियों ने जांच शुरू करा दी है और इसमें कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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मम्मी का बनवाया आय शपथ पत्र तो खुली पोल
केस नंबर 1:
नियम 134 ए के तहत एडमिशन कराने के लिए बच्चे की मम्मी के नाम का 84 हजार रुपये साल की आय का शपथ पत्र बनवाया गया और उसे एक वरिष्ठ अधिकारी से प्रमाणित कराकर डीएवी स्कूल में जमा करा दिया गया। बच्चे को लेकर अभिभावक एडमिशन के लिए पहुंचे तो मम्मी का शपथ पत्र देखकर स्कूल को शक हुआ और उसके पिता से पूछा गया कि क्या वह टैक्स जमा करते हैं। उन्होंने काफी पूछताछ के बाद स्वीकार किया कि वह 3.25 लाख रुपये पर टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं। इस तरह परिवार की कुल आय 4.09 लाख रुपये हो गई।
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केस नंबर 2:
इस तरह ही एक अन्य बच्चे के अभिभावक उसे एडमिशन के लिए डीएवी स्कूल में लेकर गए। वहां उसके पिता का 84 हजार रुपये की आय का शपथ पत्र अधिकारी से प्रमाणित कराकर दिया गया। स्कूल की ओर से उनको तहसीलदार से जारी हुआ आय प्रमाण पत्र लेकर आने के लिए कहा गया तो उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया, जिसे एक लाख 40 हजार रुपये का बनाया गया। वह स्कूल में प्रमाण पत्र लेकर पहुंचे, जिससे उनकी बीपीएल के तहत खुद को बताने की पोल खुल गई। इनके खिलाफ भी शिकायत अधिकारियों को दी गई है।
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केस नंबर 3:
एक बच्चे का एडमिशन दूसरी कक्षा में होना था, जबकि उसके जन्म प्रमाण पत्र देखने से पता चला कि उसकी उम्र केवल पांच साल है। नियम के अनुसार भी पांच साल तक का बच्चा कक्षा पहली में पढ़ सकता है, जबकि अभिभावक ग्रामीण क्षेत्र के एक स्कूल से उसकी पहली कक्षा की फर्जी टीसी भी बनवाकर लाए थे। काफी पूछताछ पर उन्होंने बताया कि उनका बच्चा पढ़ने में अच्छा है और इस कारण ही उन्होंने उसे फ्री पढ़ाने के लिए पहली क्लास छुड़वाकर सीधे दूसरी कक्षा के लिए टेस्ट दिला दिया था।

हमारे यहां कई ऐसे मामले आए हैं, जिनमें फर्जी आय शपथ पत्र बनवाया गया था या अन्य तरीके से फर्जीवाड़ा किया गया था। उनकी शिकायत सभी सबूतों के साथ तहसीलदार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास कर दी गई है।

-वीके मित्तल, प्रिंसिपल डीएवी मल्टीपर्पज स्कूल

स्कूलों की ओर से आय के बारे में फर्जी जानकारी देने की शिकायत आई है। उन शिकायतों के आधार पर जांच कराई जाएगी कि आखिर उसमें किस तरह का फर्जीवाड़ा किया गया है। वहीं, जिसने भी फर्जीवाड़ा किया है, फिलहाल उनका एडमिशन रोक दिया गया है।
-हितेंद्र शर्मा, तहसीलदार
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