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स्कूल की रंजिश में प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 25 Oct 2016 01:47 AM IST
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स्कूल के विवाद की बात सामने आ रही है, पुलिस मामले की छानबीन कर रही
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कानपुर चकेरी प्यौंदी गांव में स्कूल से लौट रहे पूर्व प्रिंसिपल रमेशचंद्र शुक्ला (65) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह साइकिल से नवाबगंज विष्णुपुरी स्थित अपने घर लौट रहे थे। वारदात के पीछे स्कूल की रंजिश की बात कही जा रही है। उनकी पत्नी ने भी अस्पताल में बताया कि स्कूल का विवाद तो था, लेकिन किससे था इस बारे में कभी जिक्र नहीं किया। इसके बाद ‘हाय, तुम्हें दुश्मनी हमसे छीन ले गई’ कहकर रो पड़ीं। वहीं बेटे अक्षय की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विष्णुपुरी निवासी रमेश प्यौंदी गांव में स्थित आत्मा प्रकाश ब्रह्मचारी जूनियर हाईस्कूल (मान्यता प्राप्त) में 32 साल से प्रिंसिपल थे। आठ महीने पहले ही उनका रिटायरमेंट हुआ है। हालांकि उनका स्कूल आनाजाना बना रहा। सोमवार को भी वह स्कूल गए थे। इस स्कूल के संचालक ड्योढ़ी घाट के स्वामी चैतन्य प्रकाश जी महाराज हैं। रमेश छुट्टी के बाद चार किलोमीटर दूर स्थित पुलिया के पास पहुंचे, तभी किसी ने पीछे से गोली मार दी। इससे वह मुंह के बल गिर पड़े। पास के दुकानदार राजन, पप्पू और सुनील उन्हें लेकर कांशीराम अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद रमेश की पत्नी मीना और बेटा अक्षत भी अस्पताल पहुंच गए। बड़ा बेटा सौरभ गुड़गांव में नौकरी करता है। बेटी पूजा की शादी हो चुकी है। वह जोधपुर में है। स्कूल के वर्तमान प्रिंसिपल शिरोमणि वाजपेयी का कहना है कि रमेश उन्हें कामकाज समझाने स्कूल आते थे। विवाद की कोई बात ही नहीं थी।
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विष्णुपुरी निवासी रमेश प्यौंदी गांव में स्थित आत्मा प्रकाश ब्रह्मचारी जूनियर हाईस्कूल (मान्यता प्राप्त) में 32 साल से प्रिंसिपल थे। आठ महीने पहले ही उनका रिटायरमेंट हुआ है। हालांकि उनका स्कूल आनाजाना बना रहा। सोमवार को भी वह स्कूल गए थे। इस स्कूल के संचालक ड्योढ़ी घाट के स्वामी चैतन्य प्रकाश जी महाराज हैं। रमेश छुट्टी के बाद चार किलोमीटर दूर स्थित पुलिया के पास पहुंचे, तभी किसी ने पीछे से गोली मार दी। इससे वह मुंह के बल गिर पड़े। पास के दुकानदार राजन, पप्पू और सुनील उन्हें लेकर कांशीराम अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद रमेश की पत्नी मीना और बेटा अक्षत भी अस्पताल पहुंच गए। बड़ा बेटा सौरभ गुड़गांव में नौकरी करता है। बेटी पूजा की शादी हो चुकी है। वह जोधपुर में है। स्कूल के वर्तमान प्रिंसिपल शिरोमणि वाजपेयी का कहना है कि रमेश उन्हें कामकाज समझाने स्कूल आते थे। विवाद की कोई बात ही नहीं थी।
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