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डीजीपी के सामने फूटकर रोई गैंगरेप पीड़िता, कहा अगर 10 दिन में कार्रवाई न हुई तो...
डिजिटम टीम/ सहारनपुर
Updated Sun, 07 May 2017 11:21 PM IST
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अधिकारियों से मिलने की गुहार लगाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में सर्किट हाउस में अधिकारियों की बैठक ले रहे प्रमुख सचिव गृह देवाशीश पांडा और डीजीपी सुलखान सिंह से मिलने के लिए गैंग रेप पीड़िता जबरन अंदर घुस गई। डीजीपी को सामने देखते ही वह फूट फूटकर रोने लगी। रोते हुए डीजीपी को बताया कि उसके साथ पुलिस वालों ने गैंगरेप किया है।
बताया कि घटना दो साल पुरानी है, जिसकी रिपोर्ट भी आज तक दर्ज नहीं की गई है। डीजीपी ने पीड़िता से शिकायती पत्र लेकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। पीड़िता ने बताया कि वह देवबंद थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। वर्ष 2015 में पुलिस ने पूछताछ के लिए उसके पति को उठाया था। इसके बाद पुलिस ने पति को जेल भेज दिया था। एक दिन एक सिपाही घर पर आया और बोला कि चौकी इंचार्ज ने तुम्हें बुलाया है। वह अपनी ननद और सास को लेकर चौकी पहुंची तो पुलिस ने सास को चौकी में ही बिठा दिया और उसे पीछे बने कमरे में ले गए।
इस दौरान साथ रही ननद को बाहर बिठा दिया गया और बताया कि चौकी इंचार्ज भीतर हैं। भीतर गई तो वहां पहले से कई पुलिसकर्मी मौजूद थे।
आरोप है कि चौकी इंचार्ज और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। जब उसने और उसकी ननद ने विरोध किया तो एक दरोगा ने रिवाल्वर तान दिया और किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि उसे आतंकित कर पुलिसकर्मियों ने दुष्कर्म किया। तब से वह तीनों पुलिसकर्मियों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग को लेकर भटक रही है। मगर आज तक उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई है। ऐसे में मजबूरन उसे डीजीपी से मिलना पड़ा है। बताया कि यदि डीजीपी स्तर से 10 दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो वह लखनऊ में सीएम से मिलेंगी और न्याय की गुहार लगाएंगी।
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बताया कि घटना दो साल पुरानी है, जिसकी रिपोर्ट भी आज तक दर्ज नहीं की गई है। डीजीपी ने पीड़िता से शिकायती पत्र लेकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। पीड़िता ने बताया कि वह देवबंद थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। वर्ष 2015 में पुलिस ने पूछताछ के लिए उसके पति को उठाया था। इसके बाद पुलिस ने पति को जेल भेज दिया था। एक दिन एक सिपाही घर पर आया और बोला कि चौकी इंचार्ज ने तुम्हें बुलाया है। वह अपनी ननद और सास को लेकर चौकी पहुंची तो पुलिस ने सास को चौकी में ही बिठा दिया और उसे पीछे बने कमरे में ले गए।
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इस दौरान साथ रही ननद को बाहर बिठा दिया गया और बताया कि चौकी इंचार्ज भीतर हैं। भीतर गई तो वहां पहले से कई पुलिसकर्मी मौजूद थे।
आरोप है कि चौकी इंचार्ज और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। जब उसने और उसकी ननद ने विरोध किया तो एक दरोगा ने रिवाल्वर तान दिया और किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि उसे आतंकित कर पुलिसकर्मियों ने दुष्कर्म किया। तब से वह तीनों पुलिसकर्मियों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग को लेकर भटक रही है। मगर आज तक उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई है। ऐसे में मजबूरन उसे डीजीपी से मिलना पड़ा है। बताया कि यदि डीजीपी स्तर से 10 दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो वह लखनऊ में सीएम से मिलेंगी और न्याय की गुहार लगाएंगी।
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