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फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में कैदी की हत्या
farrukhabad
Updated Mon, 23 Oct 2017 11:39 PM IST
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केंद्रीय कारागार के वाहर तैनात पुलिस बल।
- फोटो : amar ujala
सेंट्रल जेल की बैरक नंबर दो में पानी फैलने के विवाद में एक कैदी ने दूसरे कैदी की हत्या कर दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने जेल पहुंचकर जांच पड़ताल की। जेलर की तहरीर पर फतेहगढ़ कोतवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी कैदी जालौन जिले का निवासी है।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नौली निवासी हरिभान सिंह यादव (69) को 20 अगस्त 2015 को दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 31 दिसंबर 2016 को उसे जिला कारागार से केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। बैरक नंबर दो में उसके साथ जालौन जिले के थाना कालपी क्षेत्र का निवासी अमर सिंह भी बंद था। अमर सिंह को भी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
सोमवार दोपहर करीब दो बजे बैरक में पानी फैलने पर हरिभान और अमर सिंह में कहासुनी होने लगी। बात बढ़ने पर हाथापाई हो गई। आरोप है कि अमर सिंह ने हरिभान का गला दबाने के बाद जोर से धक्का दे दिया। इससे वह जमीन पर गिरकर अचेत हो गया। अन्य कैदियों के शोर मचाने पर बंदी रक्षकों के साथ जेल अधीक्षक वीपी त्रिपाठी और जेलर सुनीत कुमार चौहान बैरक में पहुंचे। उन्होंने डॉक्टर को बुला कर हरिभान को दिखाया। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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जेल अधीक्षक ने कैदी की हत्या की खबर डीएम मोनिका रानी और एसपी मोहित गुप्ता को दी। डीएम के निर्देश पर करीब 3.45 बजे नगर मजिस्ट्रेट जैनेंद्र कुमार जैन फतेहगढ़ कोतवाल को लेकर सेंट्रल जेल पहुंचे और जांच पड़ताल की। मृतक के परिजनों को सूचना देकर शाम करीब 7 बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। देर शाम मृतक का भतीजा बबलू पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गया था। फतेहगढ़ कोतवाल दधिबल तिवारी ने बताया कि जेलर की तहरीर पर कैदी अमर सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मृतक के गले में खरोच के निशान मिले हैं। डीएम मोनिका रानी ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जा रही है।
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मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नौली निवासी हरिभान सिंह यादव (69) को 20 अगस्त 2015 को दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 31 दिसंबर 2016 को उसे जिला कारागार से केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। बैरक नंबर दो में उसके साथ जालौन जिले के थाना कालपी क्षेत्र का निवासी अमर सिंह भी बंद था। अमर सिंह को भी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
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सोमवार दोपहर करीब दो बजे बैरक में पानी फैलने पर हरिभान और अमर सिंह में कहासुनी होने लगी। बात बढ़ने पर हाथापाई हो गई। आरोप है कि अमर सिंह ने हरिभान का गला दबाने के बाद जोर से धक्का दे दिया। इससे वह जमीन पर गिरकर अचेत हो गया। अन्य कैदियों के शोर मचाने पर बंदी रक्षकों के साथ जेल अधीक्षक वीपी त्रिपाठी और जेलर सुनीत कुमार चौहान बैरक में पहुंचे। उन्होंने डॉक्टर को बुला कर हरिभान को दिखाया। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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जेल अधीक्षक ने कैदी की हत्या की खबर डीएम मोनिका रानी और एसपी मोहित गुप्ता को दी। डीएम के निर्देश पर करीब 3.45 बजे नगर मजिस्ट्रेट जैनेंद्र कुमार जैन फतेहगढ़ कोतवाल को लेकर सेंट्रल जेल पहुंचे और जांच पड़ताल की। मृतक के परिजनों को सूचना देकर शाम करीब 7 बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। देर शाम मृतक का भतीजा बबलू पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गया था। फतेहगढ़ कोतवाल दधिबल तिवारी ने बताया कि जेलर की तहरीर पर कैदी अमर सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मृतक के गले में खरोच के निशान मिले हैं। डीएम मोनिका रानी ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जा रही है।