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Hindi News ›   Crime ›   Notices issued to 31 Principal and Panchayat Secretaries

31 प्रधानों और पंचायत सचिवों को दिया नोटिस

Wed, 21 Nov 2018 12:26 AM IST
31 प्रधानों और पंचायत सचिवों को दिया नोटिस
31 प्रधानों और पंचायत सचिवों को दिया नोटिस Updated Wed, 21 Nov 2018 12:26 AM IST
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 फतेहपुर। डीएम ने जिले भर की 31 ग्राम पंचायतों को स्वच्छ भारत मिशन में अपेक्षित गति से काम न करने पर नोटिस जारी की हैं।  इन सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों और पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।  
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पंचायत राज विभाग से विगत डेढ़ माह पूर्व भिटौरा, विजयीपुर, हथगाम, बहुआ, हसवा, अमौली और मलवां विकास खंड की 31 ग्राम पंचायतों में 13 हजार 869 लोगों के लिए शौचालय बनाए जाने का पैसा दिया गया था। डीपीआरआओ ने इन शौचालयों के लिए 16 करोड़ 62 लाख 32 हजार रुपये का बजट आवंटित किया। शौचालयों के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 7072 शौचालयों का ही निर्माण हो सका है। 1910 शौचालय निर्माणाधीन हैं जबकि 4887 शौचालयों के निर्माण के लिए एक भी ईंट नहीं रखी गई है।
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 डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा में इन गांवों के प्रधानों और सचिवों की कार्यशैली खराब पाई। जिस पर उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। डीपीआरओ अजय आनंद सरोज ने बताया कि नोटिसों के माध्यम से सभी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं आया तो प्रधानों और सचिवों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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इन गांवों के प्रधानों और सचिवों को नोटिस
डीएम के आदेश डीपीआरओ कार्यालय ने ग्राम पंचायत फरसी, गोवर्धनपुर, मथैयापुर, रसूलपुर, अहमदपुऱ, गढ़ा, महावतपुर असहट, रायपुर भसरौल, खासमऊ, करमोन, कुल्हडिय़ा, पट्टीशाह, शाहपुर, सेमुरई, शाह, मोहनपुर, डुंडरा, औरेई, सेमरा, अचिंतपुर पिटाई, मलांव, गोहरारी, सरायं धरमपुर, रायपुर, पनेरुवा, किशुनपुर कपली, अमौली, बुढवां, मलवां, मौहार और डीघ ग्राम पंचायतों के प्रधानों और पंचायत सचिवों को नोटिस दिए हैं।  


स्वच्छ भरत मिशन केंद्र एवं राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के स्तर से इस काम में शिथिलता बरती जा रही है। प्रधान और सचिव इसके लिए पूर्णरूप से दोषी हैं। शौचालय निर्माण के प्रति कार्यशैली बता रही है कि प्रधान और सचिव अपने पदीय दायित्वों के प्रति सजग नहीं हैं। स्पष्टीकरण संतोषजनक ना मिलने पर पंचायतराज अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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