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पीड़िता के पिता के क्लेम पर पुनर्विचार करेगी बीमा कंपनी
पीड़िता के पिता के क्लेम पर पुनर्विचार करेगी बीमा कंपनी
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:28 AM IST
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उन्नाव। भाजपा विधायक प्रकरण में पीड़िता के पिता की मौत पर बीमा कंपनी द्वारा किसान दुर्घटना बीमा का लाभ देने से इंकार करने के मामले को अपर जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बीमा कंपनी को फिर से आवेदन को रिकॉल करने के आदेश दिए हैं। जिससे पीड़िता की मां को बीमा धनराशि मिलने की उम्मीद जगी है।
मालूम हो कि प्रकरण में दुष्कर्म पीड़ित किशोरी के पिता पर मुकदमे में सुलह का दबाव बनाने के लिए 3 अप्रैल की शाम विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल व उनके गुर्गों ने उसे जमकर पीटा था। इसके बाद उसी पर मारपीट और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज करा जेल भेज दिया गया था। 8 अप्रैल की रात जेल में उसकी (पीड़ित किशोरी के पिता) हालत बिगड़ गई थी। उसे जेल अधिकारियों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था जहां 9 अप्रैल को उसकी मौत हो गई थी। पीड़िता की मां ने पति की मौत के बाद किसान दुर्घटना बीमा के लिए आवेदन किया था। बीमा कंपनी नेशनल इंशोरेंस ने तीन दिन पहले पीड़िता की मां को पत्र भेज कर आवेदन निरस्त होने की सूचना दी थी। आवेदन निरस्त करने के पीछे का कारण न्यायिक अभिरक्षा में इलाज के दौरान मौत होना बताया था। इस मामले की जानकारी जब एडीएम (वित्त/राजस्व) बीएन यादव को हुई तो उन्होंने बीमा कंपनी को आवेदन को रिकॉल करने का आदेश दिया। उन्होंने बताया कि बीमा कंपनी के अधिकारियों को आवेदनपत्र पर पुनर्विचार करने को कहा गया है।
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मालूम हो कि प्रकरण में दुष्कर्म पीड़ित किशोरी के पिता पर मुकदमे में सुलह का दबाव बनाने के लिए 3 अप्रैल की शाम विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल व उनके गुर्गों ने उसे जमकर पीटा था। इसके बाद उसी पर मारपीट और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज करा जेल भेज दिया गया था। 8 अप्रैल की रात जेल में उसकी (पीड़ित किशोरी के पिता) हालत बिगड़ गई थी। उसे जेल अधिकारियों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था जहां 9 अप्रैल को उसकी मौत हो गई थी। पीड़िता की मां ने पति की मौत के बाद किसान दुर्घटना बीमा के लिए आवेदन किया था। बीमा कंपनी नेशनल इंशोरेंस ने तीन दिन पहले पीड़िता की मां को पत्र भेज कर आवेदन निरस्त होने की सूचना दी थी। आवेदन निरस्त करने के पीछे का कारण न्यायिक अभिरक्षा में इलाज के दौरान मौत होना बताया था। इस मामले की जानकारी जब एडीएम (वित्त/राजस्व) बीएन यादव को हुई तो उन्होंने बीमा कंपनी को आवेदन को रिकॉल करने का आदेश दिया। उन्होंने बताया कि बीमा कंपनी के अधिकारियों को आवेदनपत्र पर पुनर्विचार करने को कहा गया है।
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