छात्र ने फांसी लगाकर जान दी

ब्यूरो अमर उजाला, बांदा Updated Sat, 21 Jan 2017 11:22 PM IST
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नरेंद्र (फाइल फोटो)
नरेंद्र (फाइल फोटो) - फोटो : amarujala

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कोटा (राजस्थान) में सीपीएमटी की कोचिंग कर रहे छात्र ने शुक्रवार रात घर में फांसी लगाकर जान दे दी। शाम को ही वह कोटा से घर आया था। इकलौते पुत्र की मौत से घर में कोहराम मचा है। घर वाले घटना की वजह नहीं बता सके। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। पिता के मुताबिक सीपीएमटी परीक्षा में दो बार असफल होने के बाद से वह हताश था। शायद इसी हताशा में उसने जान दे दी।
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चिल्ला थाना क्षेत्र के गुगौली गांव निवासी शिव प्रसाद प्रजापति शहर के शांति नगर मोहल्ले में मकान बनाकर रहते हैं। वह सीमावर्ती महोबा जिले के तिंदुही आयुर्वेदिक चिकित्सालय में फार्मासिस्ट हैं। शुक्रवार रात उनके पुत्र नरेंद्र कुमार (21) ने घर के ऊपरी मंजिल के कमरे में हुक के सहारे फांसी लगा ली। पुलिस ने शव फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।


पिता ने बताया कि नरेंद्र ने वर्ष 2013 में सेंट मैरीज सीनियर सेकेंडरी स्कूल से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। इसके बाद सीपीएमटी की तैयारी करने लगा। पहले एक साल कानपुर में कोचिंग की और दूसरे साल कोटा चला गया। 5 मई 2016 को सिर्फ चार अंक कम होने से वह कामयाब नहीं हुआ। दोबारा 24 जुलाई को परीक्षा दी तो नंबर और कम हो गए। तभी से वह मायूस था।

पिता से एक साल और मौका देने को कहकर अगस्त में एक लाख रुपये लेकर कोचिंग में दाखिला ले लिया। पिता के मुताबिक 29 दिसंबर को वह कोटा से दोस्तों के साथ कहीं चला गया था। दो जनवरी को अंतिम बार हुई बात में जल्दी घर आने को कहा था। इसके बाद घर नहीं आया तो 6 जनवरी को पिता खुद कोटा गए। वहां दोस्तों से कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इस बीच उसने फोन पर भी घर वालों से बात नहीं की।

शुक्रवार शाम वह अचानक घर आ गया। पिता के मुताबिक खाना खाने के बाद सभी लोग सो गए और वह देर तक टीवी देखता रहा। रात को मां सावित्री उठी तो कमरे में टीवी चल रहा था। नरेंद्र नजर नहीं आया। सावित्री ने पति को जगाकर बताया तो वह ऊपरी मंजिल के कमरे में पहुंचे तो कुंडी अंदर से बंद थी। आशंका पर दीवार की एक ईंट तोड़कर देखा तो नरेंद्र का शव सीलिंग हुक से अंगौछे के सहारे लटक रहा था। वह इकलौता पुत्र था और दो बहनों में छोटा था। घटना से मां सावित्री और बहन लक्ष्मी व रश्मि का रो-रोकर बुरा हाल है।

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