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रेलवे ट्रैक पर मिला शव सिस्टर रोजी का
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Apr 2017 12:27 AM IST
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शव
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बीते रोज झांसी - दिल्ली रेल ट्रैक पर मिली महिला की लाश की शिनाख्त हो गई है। महिला खातीबाबा स्थित फाउंडलिंग होम की सिस्टर रोजी (65) थीं। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद महिला के शव को फाउंलिंग होम से आए लोगों के हवाले कर दिया गया।
महिला का शव लेने आए कैथेड्रिल कालेज के मैनेजर फादर सहाय नाथन ने बताया कि सिस्टर रोजी पिछले पांच साल से फाउंडलिंग होम में रहकर लावारिस बच्चों की सेवा करती आ रही थीं। मूल रूप से वह केरल की निवासी थीं। वह रविवार को सुबह 11 बजे फाउंडलिंग होम से बाहर टहलने के लिए निकलीं थीं। लेकिन, लौट कर नहीं आईं। काफी कोशिश के बाद भी सिस्टर रोजी का पता नहीं चला। उसी शाम उनके लापता होने की सूचना प्रेमनगर थाने में दे दी गई थी। मंगलवार की सुबह अखबार के माध्यम से जानकारी होने पर वह पोस्टमार्टम हाउस आए। यहां उनकी पहचान कर ली गई है। सिस्टर रोजी के निधन की सूचना केरल में रह रहे उनके परिजनों को भी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि सिस्टर रोजी मानसिक रूप से बेहद स्वस्थ नहीं थीं। अक्सर वह टहलने के लिए निकल जाया करती थीं, जिससे उन्हें लाभ मिलता था। अब वह रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंची? यह बता पाना मुश्किल है।
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महिला का शव लेने आए कैथेड्रिल कालेज के मैनेजर फादर सहाय नाथन ने बताया कि सिस्टर रोजी पिछले पांच साल से फाउंडलिंग होम में रहकर लावारिस बच्चों की सेवा करती आ रही थीं। मूल रूप से वह केरल की निवासी थीं। वह रविवार को सुबह 11 बजे फाउंडलिंग होम से बाहर टहलने के लिए निकलीं थीं। लेकिन, लौट कर नहीं आईं। काफी कोशिश के बाद भी सिस्टर रोजी का पता नहीं चला। उसी शाम उनके लापता होने की सूचना प्रेमनगर थाने में दे दी गई थी। मंगलवार की सुबह अखबार के माध्यम से जानकारी होने पर वह पोस्टमार्टम हाउस आए। यहां उनकी पहचान कर ली गई है। सिस्टर रोजी के निधन की सूचना केरल में रह रहे उनके परिजनों को भी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि सिस्टर रोजी मानसिक रूप से बेहद स्वस्थ नहीं थीं। अक्सर वह टहलने के लिए निकल जाया करती थीं, जिससे उन्हें लाभ मिलता था। अब वह रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंची? यह बता पाना मुश्किल है।
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