फील्डिंग की कमजोरी बनेगी भारत की चिंता?: दीप्ति बोलीं- कैच छूटना खेल का हिस्सा, टीम तीनों विभागों में तैयार
एशिया कप सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ चार कैच छूटने के बावजूद दीप्ति शर्मा ने टीम का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कैच छूटना खेल का हिस्सा है और भारत फाइनल के लिए तीनों विभागों में तैयार है।
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशिया कप के फाइनल में पहुंच चुकी है। सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराने के बाद टीम की फील्डिंग को लेकर सवाल जरूर उठे, लेकिन अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा इससे चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कैच छूटना खेल का हिस्सा है और टीम फाइनल के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत ने टूर्नामेंट में अब तक अपने सभी मुकाबले जीते हैं। हालांकि, टीम की पुरानी कमजोरी फील्डिंग और खासकर कैच पकड़ने में परेशानी एक बार फिर नजर आई। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने चार कैच के मौके गंवाए।
सेमीफाइनल में चार मौके गंवाए
बांग्लादेश की पारी के पहले ही ओवर में प्रतिका रावल ने ऊपर आया कैच छोड़ दिया। बाद में उन्होंने एक और मौका गंवाया। स्मृति मंधाना भी बाउंड्री पर कैच का सही अंदाजा नहीं लगा सकीं। वहीं, ऋचा घोष और नंदिनी शर्मा स्क्वायर लेग के पास कैच लेने की कोशिश में आपस में टकरा गईं।
इसके बावजूद भारत ने मुकाबला 40 रन से अपने नाम किया। मैच के बाद दीप्ति ने कहा कि टीम ट्रेनिंग में फील्डिंग और कैचिंग पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एक टीम के तौर पर फील्डिंग में हम अच्छा काम कर रहे हैं। ट्रेनिंग में कैच पकड़ने के साथ-साथ फील्डिंग का भी अभ्यास कर रहे हैं। दीप्ति ने आगे कहा "मुझे लगता है कि ऐसा कभी किसी दिन हो जाता है। लेकिन एक टीम के तौर पर हम फाइनल के लिए तीनों विभागों में पूरी तरह तैयार हैं।
पाकिस्तान या श्रीलंका से होगा सामना
फाइनल में भारत का सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान या मौजूदा चैंपियन श्रीलंका से होगा। दोनों टीमों के बीच दूसरा सेमीफाइनल बाद में खेला जाना है। फाइनल की रणनीति को लेकर दीप्ति ने कहा कि टीम दूसरे सेमीफाइनल के नतीजे के बाद साथ बैठकर योजना बनाएगी। उन्होंने कहा कि इस मैच के बाद हम कल साथ बैठेंगे और इससे हमें फाइनल के लिए रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
जब उनसे पूछा गया कि वह फाइनल में किस टीम का सामना करना चाहेंगी, तो दीप्ति ने कहा कि यह मैच के नतीजे पर निर्भर करता है। उन्होंने साफ किया कि भारतीय टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेती। उनके मुताबिक श्रीलंका हो या पाकिस्तान, टीम का ध्यान हर मुकाबले में सामूहिक प्रदर्शन बेहतर करने पर रहता है।
गेंद और बल्ले से फिर चमकीं दीप्ति
बांग्लादेश के खिलाफ दीप्ति ने एक बार फिर ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्होंने छह गेंदों पर 13 रन बनाए और गेंदबाजी में 26 रन देकर तीन विकेट लिए। दीप्ति ने कहा कि जब भी उन्हें बल्लेबाजी का मौका मिलता है, वह योगदान देने का भरोसा रखती हैं। उन्होंने कहा कि जब भी मुझे बल्लेबाजी का मौका मिलता है, मुझे भरोसा रहता है कि मैं बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकती हूं। आज कुछ गेंदें खेलने को मिलीं, इससे खुशी हुई। दीप्ति ने कहा कि बल्लेबाजी या गेंदबाजी पहले करने से उनके आत्मविश्वास पर कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका लक्ष्य ऑलराउंडर के तौर पर टीम के लिए योगदान देना है।