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युसूफ पठान को सस्पेंड होने के बाद हुआ एहसास, अब कभी नहीं करेंगे ये गलती
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 09 Jan 2018 04:11 PM IST
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यूसुफ पठान
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डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के कारण पांच महीने का सस्पेंशन झेलने वाले ऑलराउंडर युसूफ पठान ने कहा कि उन्हें बीसीसीआई के लिए समर्पित डोपिंग विरोधी हेल्पलाइन के साथ दवाइयों का स्तर जांचना चाहिए था।
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टीम इंडिया के ऑलराउंडर युसूफ पठान ने मंगलवार को कहा, 'मुझे अब समझ आया कि बीसीसीआई की डोपिंग विरोधी हेल्पलाइन के साथ दवाइयों के स्तर की जांच करना चाहिए थी।'
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पठान ने साथ ही कहा कि उन्हें विश्वास है कि दवाई के उपयोग का ध्यान रखेंगे। उन्होंने कहा, 'टीम इंडिया और अपने राज्य बड़ौदा का प्रतिनिधित्व करने में मुझे बहुत गर्व महसूस होता है। इससे मुझे प्रोत्साहन मिलता है और मैं कभी ऐसा कुछ नहीं करना चाहूंगा, जिससे मेरे राज्य का किसी भी प्रकार नाम खराब हो।'
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पठान पर लगा बैन 14 जनवरी को खत्म हो जाएगा और बीसीसीआई ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली है। बोर्ड को भी लगता है कि युसूफ ने जानबूझकर इस दवाई का सेवन नहीं किया।
बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा, 'युसूफ पठान को डोपिंग उल्लंघन के लिए सस्पेंड किया गया है। पठान ने अनजाने में प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया, जो आमतौर पर कफ सिरप में पाया जाता है।'
35 वर्षीय पठान ने बड़ौदा और तमिलनाडु के बीच पिछले साल 16 मार्च को टी20 मैच के बाद बीसीसीआई की डोपिंग विरोधी टेस्टिंग प्रोग्राम के तहत मूत्र का सैंपल दिया था। बीसीसीआई ने कहा, 'युसूफ के सैंपल में टरब्यूटलाइन पदार्थ पाया गया, जो वाडा की प्रतिबंधित पदार्थों की लिस्ट में शामिल है।'
Yusuf's statement:
— Yusuf Pathan (@iamyusufpathan) January 9, 2018
I wish to thank the @BCCI for allowing me to plead my case in a fair and reasonable manner. pic.twitter.com/S83TNUpqxZ