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Wriddhiman saha Controversy: धमकी देने वाले पत्रकार का नाम नहीं बताएंगे साहा, बोले- किसी का करियर नहीं खत्म करना चाहता
Tue, 22 Feb 2022 09:40 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 22 Feb 2022 09:40 AM IST
सार
साहा ने कहा है कि अब तक किसी ने उनसे नाम का खुलासा करने को नहीं कहा है। अगर बीसीसीआई उनसे पत्रकार नाम पूछता है तो वे कहेंगे कि उनका उद्देश्य किसी का करियर खत्म करना नहीं था।
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साहा धमकी देने वाले पत्रकार का नाम नहीं बताना चाहते हैं
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा ने कहा है कि अगर बीसीसीआई उनसे धमकी देने वाले पत्रकार के बारे में पूंछता है तो वे नाम नहीं बताएंगे। साहा का कहना है कि वे किसी का करियर नहीं खत्म करना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने अब तक पत्रकार का नाम नहीं उजागर किया है। भारत की टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद एक पत्रकार ने साहा से इंटरव्यू के लिए कहा था और जवाब न मिलने पर धमकी भरे अंदाज में कभी उनका इंटरव्यू न लेने की बात कही थी।
साहा ने पत्रकार के साथ चैट का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर शेयर किया था। इसके बाद कई पूर्व खिलाड़ियों ने उनका समर्थन किया था। इसके बाद खबरें आईं कि बीसीसीआई मामले की जांच करेगा। अब साहा ने कहा है कि वो पत्रकार का नाम नहीं बताएंगे।
क्या है पूरा मामला ?
19 फरवरी के दिन श्रीलंका के खिलाफ टी-20 और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान हुआ था। टेस्ट टीम में अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, ईशांत शर्मा और ऋद्धिमान साहा जैसे सीनियर खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली थी। इसके बाद एक पत्रकार ने साहा को मैसेज कर इंटरव्यू की मांग की। साहा ने इसका जवाब नहीं दिया।
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पत्रकार ने लिखा "मेरे साथ एक इंटरव्यू करिए, यह काफी अच्छा होगा। अगर आप लोकतांत्रिक रहना चाहते हैं तो मैं दबाव नहीं बनाऊंगा। वो एक विकेटकीपर चुनते हैं, जो सबसे बेहतर होता है। आप 11 पत्रकार चुनने की कोशिश करते हैं, जो मेरे हिसाब से सही नहीं है। उसे चुनिए जो सबसे ज्यादा आपकी मदद कर सकता है।"
जवाब न मिलने पर पत्रकार ने उन्हें वॉट्सएप कॉल किया, लेकिन साहा ने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद पत्रकार ने लिखा "आपने मुझसे बात नहीं की, मैं अब कभी भी आपका इंटरव्यू नहीं लूंगा। मैं बेज्जती को सहजता से नहीं स्वीकार करता हूं और मैं इसे याद रखूंगा। आपको ऐसा कतई नहीं करना चाहिए था।" साहा ने पूरी बातचीत के स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए सभी को इस घटना के बारे में बताया।
सीनियर खिलाड़ियों ने किया समर्थन
यह मामला सामने आने के बाद हरभजन सिंह से लेकर वीरेन्द्र सहवाग सहित कई दिग्गज खिलाड़ी साहा के समर्थन में आए। रवि शास्त्री ने बीसीसीआई से जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को इस मामले में दखल देना चाहिए। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार बीसीसीआई ने इस मामले में जांच करने का फैसला भी किया है। साहा से उस पत्रकार का नाम मांगा गया, जिसने उन्हें धमकी दी थी। बीसीसीआई पूरे मामले की जांच करना चाहता है और साहा के अलावा भी अगर किसी खिलाड़ी के साथ ऐसा हुआ है तो उसकी जांच होगी।
पत्रकार का नाम नहीं बताना चाहते हैं साहा
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में साहा ने कहा है कि अब तक बीसीसीआई की तरफ से किसी अधिकारी ने उनसे बात नहीं की है। अगर उनसे पत्रकार के नाम का खुलासा करने को कहा जाता है तो वह कहेंगे कि कभी भी उनका इरादा किसी का करियर खत्म करने का नहीं था। इसी वजह से उन्होंने अपने ट्वीट में नाम का खुलासा नहीं किया था। मेरे माता पिता ने मुझे यह नहीं सिखाया है। मेरा उद्देश्य यह था कि सभी को यह पता चले की मीडिया कोई ऐसा काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि उनके ट्वीट का उद्देश्य यह था कि भविष्य में खिलाड़ियों को ऐसी चीजों का सामना न करना पड़े।
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साहा ने पत्रकार के साथ चैट का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर शेयर किया था। इसके बाद कई पूर्व खिलाड़ियों ने उनका समर्थन किया था। इसके बाद खबरें आईं कि बीसीसीआई मामले की जांच करेगा। अब साहा ने कहा है कि वो पत्रकार का नाम नहीं बताएंगे।
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क्या है पूरा मामला ?
19 फरवरी के दिन श्रीलंका के खिलाफ टी-20 और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान हुआ था। टेस्ट टीम में अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, ईशांत शर्मा और ऋद्धिमान साहा जैसे सीनियर खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली थी। इसके बाद एक पत्रकार ने साहा को मैसेज कर इंटरव्यू की मांग की। साहा ने इसका जवाब नहीं दिया।
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पत्रकार ने लिखा "मेरे साथ एक इंटरव्यू करिए, यह काफी अच्छा होगा। अगर आप लोकतांत्रिक रहना चाहते हैं तो मैं दबाव नहीं बनाऊंगा। वो एक विकेटकीपर चुनते हैं, जो सबसे बेहतर होता है। आप 11 पत्रकार चुनने की कोशिश करते हैं, जो मेरे हिसाब से सही नहीं है। उसे चुनिए जो सबसे ज्यादा आपकी मदद कर सकता है।"
जवाब न मिलने पर पत्रकार ने उन्हें वॉट्सएप कॉल किया, लेकिन साहा ने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद पत्रकार ने लिखा "आपने मुझसे बात नहीं की, मैं अब कभी भी आपका इंटरव्यू नहीं लूंगा। मैं बेज्जती को सहजता से नहीं स्वीकार करता हूं और मैं इसे याद रखूंगा। आपको ऐसा कतई नहीं करना चाहिए था।" साहा ने पूरी बातचीत के स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए सभी को इस घटना के बारे में बताया।
सीनियर खिलाड़ियों ने किया समर्थन
यह मामला सामने आने के बाद हरभजन सिंह से लेकर वीरेन्द्र सहवाग सहित कई दिग्गज खिलाड़ी साहा के समर्थन में आए। रवि शास्त्री ने बीसीसीआई से जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को इस मामले में दखल देना चाहिए। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार बीसीसीआई ने इस मामले में जांच करने का फैसला भी किया है। साहा से उस पत्रकार का नाम मांगा गया, जिसने उन्हें धमकी दी थी। बीसीसीआई पूरे मामले की जांच करना चाहता है और साहा के अलावा भी अगर किसी खिलाड़ी के साथ ऐसा हुआ है तो उसकी जांच होगी।
पत्रकार का नाम नहीं बताना चाहते हैं साहा
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में साहा ने कहा है कि अब तक बीसीसीआई की तरफ से किसी अधिकारी ने उनसे बात नहीं की है। अगर उनसे पत्रकार के नाम का खुलासा करने को कहा जाता है तो वह कहेंगे कि कभी भी उनका इरादा किसी का करियर खत्म करने का नहीं था। इसी वजह से उन्होंने अपने ट्वीट में नाम का खुलासा नहीं किया था। मेरे माता पिता ने मुझे यह नहीं सिखाया है। मेरा उद्देश्य यह था कि सभी को यह पता चले की मीडिया कोई ऐसा काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि उनके ट्वीट का उद्देश्य यह था कि भविष्य में खिलाड़ियों को ऐसी चीजों का सामना न करना पड़े।