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संदीप पाटिल का दावा, अगर तेंदुलकर संन्यास नहीं लेते तो टीम से बाहर हो जाते

Thu, 22 Sep 2016 03:22 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 22 Sep 2016 03:22 PM IST
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Would've dropped Sachin Tendulkar, says Sandeep Patil

टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता के पद से हटने के तुरंत बाद संदीप पाटिल ने खुला कर सभी को चौंका दिया कि आज से 4 साल पहले अगर तेंदुलकर ने संन्यास का ऐलान नहीं किया होता तो उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता।

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पाटिल ने मराठी चैनल एबीपी मांझा से एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने 2012 में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को इशारा किया था कि अगर वह अपने संन्यास का ऐलान नहीं करते हैं तो उन्हें टीम से ही बाहर कर दिया जाएगा। उस समय यह खबर मीडिया में काफी चर्चा में भी रही थी कि तेंदुलकर के संन्यास के पीछे चयनकर्ताओं का ही दबाव था।
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उन्होंने कहा,  "बात 12 दिसंबर, 2012 की है जब हम सचिन से मिले और उनसे उनके भविष्य के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि अभी संन्सास को लेकर कोई विचार उनके दिमाग में नहीं है। लेकिन चयन समिति सचिन के बारे में फैसला कर चुकी थी। दूसरी ओर, संभवतः सचिन भी यह भांप गए थे कि उनके साथ क्या होने वाला है। फिर सचिन ने फोन किया और बताया कि वह संन्यास (वनडे से) ले रहे हैं। अगर उन्होंने उस समय संन्यास का फैसला नहीं लिया होता तो हम निश्चित तौर पर टीम से बाहर कर देते।"
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हालांकि संदीप पाटिल ने इसी ग्रुप के एक अन्य इंटरव्यू में तेंदुलकर के संन्यास के बारे में कहा था, "मुझे याद आता है कि 12 दिसंबर, 2012 को नागपुर में जब सचिन आउट हो गए और चयनकर्ताओं ने उनसे मिलने का फैसला किया और उनकी इच्छा जाननी चाही। मैं बतौर मुख्य चयनकर्ता उनसे मिला। समझ में आ रहा था कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है। यह सब कुछ एक दिन, एक महिना या एक साल में नहीं हो गया। इसमें काफी समय लगा। सचिन ने 2013 में संन्यास लिया था।"

उन्होंने आगे कहा, "नागपुर में मुलाकात के दौरान हमने सिर्फ उनकी योजना के बारे में पूछा था। सचिन टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने वनडे क्रिकेट से रिटायर होने का फैसला लिया। उन्होंने मुझे और संजय जगदाले (तब के बीसीसीआई सचिव) को फोन किया। वनडे से संन्यास लेने का उनका यह सामूहिक फैसला था।"

धोनी के टेस्ट से संन्यास के फैसले ने चौंकाया था

Would've dropped Sachin Tendulkar, says Sandeep Patil
महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : getty
इससे पहले बतौर मुख्य चयनकर्ता के पद से हटने से पूर्व सचिन तेंदुलकर पर संन्यास के लिए दबाव बनाने के संबंध में पूछे गए सवाल पर अपने ऊपर के बयान के विपरीत कहा था कि उन्हें पहले ही संन्यास के लिए बोल दिया गया था। 2013 के अंत में वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके लिए टेस्ट सीरीज का आयोजन किया गया था। तब उन्होंने कहा था, "कुछ चीजें चयनकर्ताओं और बीसीसीआई के बीच रहनी चाहिए। कुछ चीजें गुप्त रहती हैं और उसके बारे में बताया नहीं जा सकता।" तेंदुलकर ने नवंबर, 2013 में मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच (टेस्ट) खेला था।
    
तेंदुलकर के अलावा पूर्व चयनकर्ता प्रमुख संदीप पाटिल ने यह भी खुलासा करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान महेन्द्र सिंह धोनी को कप्तानी से हटाने के बारे में चर्चा की गई थी लेकिन धोनी का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना सभी के लिए चौंकाने वाला था। धोनी ने दिसंबर, 2014 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद अचानक संन्यास ही ले लिया था। 
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