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Hybrid Pitch: धर्मशाला में भारत की पहली 'हाईब्रिड पिच' का अनावरण, क्या आईपीएल में भी होगा इसका इस्तेमाल? जानें
Mon, 06 May 2024 08:18 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 06 May 2024 08:18 PM IST
सार
पिच में सिर्फ पांच प्रतिशत कृत्रिम फाइबर होता है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि क्रिकेट के लिए जरूरी प्राकृतिक विशेषताओं को बचाया जा सके। टेलर ने इस प्रतिष्ठित परियोजना में साझेदारी के लिए एचपीसीए का आभार जताया।
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धर्मशाला
- फोटो : Punjab Kings/IPL
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विस्तार
भारत की पहली 'हाईब्रिड पिच' का सोमवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) स्टेडियम में भव्य समारोह में अनावरण किया गया। इस समारोह में आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल और इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर और एसआईएस के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट निदेशक पॉल टेलर जैसे क्रिकेट से जुड़े दिग्गजों ने हिस्सा लिया। इस पिच का इस्तेमाल आईपीएल में भी किया जाएगा। पंजाब किंग्स का यह होम ग्राउंड है और नौ मई को उसे यहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से भिड़ना है।
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अरुण धूमल ने क्या कहा?
धूमल ने कहा, 'इंग्लैंड में लॉर्ड्स और द ओवल जैसे प्रतिष्ठित मैदानों में सफलता के बाद हाईब्रिड पिचों के इस्तेमाल से भारत में क्रिकेट में क्रांति आएगी। प्राकृतिक टर्फ और कृत्रिम फाइबर से बनने वाली हाईब्रिड पिच अधिक टिकाऊ होती है। इससे मैदानकर्मियों पर पिच को तैयार करने में कम दबाव होता है और साथ ही खेलने की परिस्थितियों के स्तर को बरकरार करने में भी अधिक समस्या नहीं होती।
धूमल ने कहा, 'इंग्लैंड में लॉर्ड्स और द ओवल जैसे प्रतिष्ठित मैदानों में सफलता के बाद हाईब्रिड पिचों के इस्तेमाल से भारत में क्रिकेट में क्रांति आएगी। प्राकृतिक टर्फ और कृत्रिम फाइबर से बनने वाली हाईब्रिड पिच अधिक टिकाऊ होती है। इससे मैदानकर्मियों पर पिच को तैयार करने में कम दबाव होता है और साथ ही खेलने की परिस्थितियों के स्तर को बरकरार करने में भी अधिक समस्या नहीं होती।
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पिच की क्या है खासियत?
पिच में सिर्फ पांच प्रतिशत कृत्रिम फाइबर होता है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि क्रिकेट के लिए जरूरी प्राकृतिक विशेषताओं को बचाया जा सके। टेलर ने इस प्रतिष्ठित परियोजना में साझेदारी के लिए एचपीसीए का आभार जताया। हाइब्रिड पिच को स्थापित करने में ‘यूनिवर्सल मशीन’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे 2017 में एसआईएसग्रास द्वारा विकसित किया गया था और इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट मैदानों में समान पिचें बनाने में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पिच में सिर्फ पांच प्रतिशत कृत्रिम फाइबर होता है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि क्रिकेट के लिए जरूरी प्राकृतिक विशेषताओं को बचाया जा सके। टेलर ने इस प्रतिष्ठित परियोजना में साझेदारी के लिए एचपीसीए का आभार जताया। हाइब्रिड पिच को स्थापित करने में ‘यूनिवर्सल मशीन’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे 2017 में एसआईएसग्रास द्वारा विकसित किया गया था और इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट मैदानों में समान पिचें बनाने में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आईसीसी ने इन पिचों के इस्तेमाल की सहमति दी
आईसीसी ने टी20 और वनडे मैचों में हाईब्रिड पिचों के इस्तेमाल को स्वीकृति दी है और योजना है कि इस साल से इनका इस्तेमाल चार दिवसीय काउंटी चैंपियनशिप में भी किया जाएगा। क्रिकेट के खेल में नयी खोज और तकनीक से कई बदलाव आने के बावजूद पिच की तैयारी पारंपरिक ही रही है, लेकिन अब 'हाइब्रिड पिचों' की शुरुआत ने इसमें भी धीरे-धीरे ही सही, बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं।
आईसीसी ने टी20 और वनडे मैचों में हाईब्रिड पिचों के इस्तेमाल को स्वीकृति दी है और योजना है कि इस साल से इनका इस्तेमाल चार दिवसीय काउंटी चैंपियनशिप में भी किया जाएगा। क्रिकेट के खेल में नयी खोज और तकनीक से कई बदलाव आने के बावजूद पिच की तैयारी पारंपरिक ही रही है, लेकिन अब 'हाइब्रिड पिचों' की शुरुआत ने इसमें भी धीरे-धीरे ही सही, बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं।
स्तर को बनाए रखना बड़ी चुनौती
ब्रिटेन स्थित हाइब्रिड पिच निर्माता 'एसआईएसग्रास' इस में सबसे आगे है और कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती किसी मैच के दौरान इस तरह की पिचों पर खेलने की परिस्थितियों के स्तर को बरकरार रखने की होगी। हालांकि, 'एसआईएसग्रास' ने इस काम को पूरा करने में विश्वास व्यक्त किया। भारत में अलग तरह की चुनौती है जहां एक शहर से दूसरे शहर के मौसम और परिस्थितियों में बड़ा बदलाव होता है।
ब्रिटेन स्थित हाइब्रिड पिच निर्माता 'एसआईएसग्रास' इस में सबसे आगे है और कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती किसी मैच के दौरान इस तरह की पिचों पर खेलने की परिस्थितियों के स्तर को बरकरार रखने की होगी। हालांकि, 'एसआईएसग्रास' ने इस काम को पूरा करने में विश्वास व्यक्त किया। भारत में अलग तरह की चुनौती है जहां एक शहर से दूसरे शहर के मौसम और परिस्थितियों में बड़ा बदलाव होता है।
खेलने की परिस्थितियों को नियंत्रित कर सकेंगे
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर और अब एसआईएसग्रास के सेल्स डायरेक्टर पॉल टेलर ने कहा, 'आप (हाइब्रिड पिच पर) खेलने की परिस्थितियों को नियंत्रित कर सकते हैं क्योंकि वे मौलिक रूप से नहीं बदलते हैं। आप पिच में नमी की मात्रा को नियंत्रित कर सकते हैं। अगर आप सूखी पिच पर खेलना चाहते हैं, तो आप सूखी पिच पर खेल सकते हैं। अगर आप पिच पर अधिक घास छोड़ना चाहते हैं, तो आप ऐसा कर सकते हैं।'
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर और अब एसआईएसग्रास के सेल्स डायरेक्टर पॉल टेलर ने कहा, 'आप (हाइब्रिड पिच पर) खेलने की परिस्थितियों को नियंत्रित कर सकते हैं क्योंकि वे मौलिक रूप से नहीं बदलते हैं। आप पिच में नमी की मात्रा को नियंत्रित कर सकते हैं। अगर आप सूखी पिच पर खेलना चाहते हैं, तो आप सूखी पिच पर खेल सकते हैं। अगर आप पिच पर अधिक घास छोड़ना चाहते हैं, तो आप ऐसा कर सकते हैं।'
इन पिचों से मिलेगा अधिक उछाल
भारत के संदर्भ में हाइब्रिड पिचों के उपयोग को लेकर टेलर ने कहा कि वे स्पिनरों को पारंपरिक रूप से तैयार की गई पिचों की तरह ही मदद करेंगी। उन्होंने कहा, 'गेंद स्पिन करेगी। हमने वास्तव में जो पाया है वह यह है कि समय के साथ स्पिन गेंदबाजों को हाइब्रिड पिच से प्राकृतिक पिच की तुलना में अधिक उछाल मिलेगा।' इंग्लैंड के इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि हाइब्रिड पिच की तैयारी का पूरा नियंत्रण ग्राउंड स्टाफ के पास होगा।
भारत के संदर्भ में हाइब्रिड पिचों के उपयोग को लेकर टेलर ने कहा कि वे स्पिनरों को पारंपरिक रूप से तैयार की गई पिचों की तरह ही मदद करेंगी। उन्होंने कहा, 'गेंद स्पिन करेगी। हमने वास्तव में जो पाया है वह यह है कि समय के साथ स्पिन गेंदबाजों को हाइब्रिड पिच से प्राकृतिक पिच की तुलना में अधिक उछाल मिलेगा।' इंग्लैंड के इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि हाइब्रिड पिच की तैयारी का पूरा नियंत्रण ग्राउंड स्टाफ के पास होगा।