WI Inning
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Innings Break : WI need 224 runs in 20 remaining overs
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कोच कर्स्टन ने भी माना, चोकर्स है दक्षिण अफ्रीका
लंदन
Updated Thu, 20 Jun 2013 04:31 PM IST
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दक्षिण अफ्रीका की चैंपिंयस ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में हार से आहत कोच गैरी कस्टर्न ने कहा है कि हमारी टीम चोकर्स कहलाने के ही लायक है।
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टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में बुधवार को दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी पूरी तरह नाकाम रही थी और टीम एकतरफा मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों सात विकेट से हार गई।
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इस जीत से इंग्लैँड आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में दूसरी बार फाइनल में पहुंचने में सफल रहा।
कस्टर्न ने टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कहा, 'हमारी टीम चोकर्स कहलाने लायक है क्योंकि हम एक बार फिर विपक्षी टीम के सामने कमजोर पड़ गए। यह एक बहुत बुरा शब्द है जिसका हमें बार-बार सामना करना पड़ता है।'
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दक्षिण अफ्रीकी एक ऐसी टीम है जिसे निर्णायक और दबाव वाले मुकाबलों में हमेशा मात खा जाने वाली टीम के रूप में जाना जाता है।
टीम के साथ चोकर्स का ठप्पा लंबे समय से जुड़ा हुआ है जिसे इस बार कोच कस्टर्न ने खुद से अलग करने का भरोसा भी जताया था। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ निराशाजनक प्रदर्शन के बाद एक बार फिर यह साबित हो गया कि टीम चोकर्स है।
ऐसा पहली बार है कि जब दक्षिण अफ्रीकी टीम के किसी कोच ने पहली बार चोकर्स के तमगे को स्वीकार किया है।
दक्षिण अफ्रीका टेस्ट क्रिकेट में पहले पायदान पर बना हुआ है।
2011 में टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बनाने वाले गुरु गैरी ने कहा, 'हमने टूर्नामेंट में इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाई थी। बल्लेबाजी क्रम का इस तरह ताश के पत्तों की तरह गिर जाना बेहद निराशाजनक है। हमारे प्रदर्शन में निरंतरता की भारी कमी है। हम जब इस तरह के बड़े टूर्नामेंटों में खेलते हैं तो वहां हमारी कमियां सभी के सामने आ जाती हैं।'
सेमीफइनल मैच के साथ ही कस्टर्न का दक्षिण अफ्रीकी टीम के साथ कोच के रूप में दो वर्ष का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। कस्टर्न ने निजी कारणों से कोच पद पर बने रहने से पहले ही इंकार कर दिया था।
उन्होंने कहा, 'मैं अपने आप से पूछ रहा हूं कि क्या मैं टीम को अच्छी स्थिति में छोड़कर जा रहा हूं। जवाब है मुझे नहीं पता। निश्चित तौर पर हममें सुधार नहीं आया है। और यही सवाल मेरे दिमाग में आ रहा है। लेकिन मुझे लगता है कि कोच पद छोड़ने का निर्णय सही है।'
दक्षिण अफ्रीका ने 1998 में बांग्लादेश में खेले गए पहले चैंपियंस ट्रॉफी में खिताबी जीत हासिल की थी।