फिर बाहर निकला सहवाग का दर्द, सचिन के बारे में भी कहा
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टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने रिटायरमेंट के बाद एक बार फिर दिल की बात कही है। पहले बीसीसीआई पर खुद को टीम में शामिल न किए जाने पर जताए गए दुख के बाद उन्होंने कहा कि आज आईपीएल के जरिए भारतीय टीम में क्रिकेटर शामिल किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट के बाद मैंने आईपीएल में भी न खेलने का विचार इसलिए किया ताकि मेरी वजह से कोई युवा क्रिकेटर टीम में जगह पाने से वंचित न रह जाए।
हाल ही में दिल्ली की रणजी टीम से हरियाणा टीम में शामिल हुए सहवाग ने कहा कि बात सिर्फ दिल्ली क्रिकेट बोर्ड के अंदर की नहीं और भी कई क्रिकेट बोर्ड की है।
सचिन के बारे में भी बोले सहवाग
टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि जब वह टीम इंडिया में शामिल हुए थे तो सचिन से काफी प्रेरित थे। वह उनकी तरह बनना चाहते थे।
लेकिन काफी बाद मैंने महसूस किया कि सचिन सिर्फ एक ही हैं और सहवाग भी। लिहाजा मैंने हमेशा अपना पारंपरिक खेल खेला है। जो मैं हमेशा खेला करता हूं।
सहवाग ने कहा कि दर्शकों को उनसे मैदान में छक्के और चौकों की अपेक्षा रहती थी, चाहे वह टेस्ट हो या वनडे।
भारतीय क्रिकेट के कुछ पहलुओं से हैं आहत
वीरेंद्र सहवाग ने इंटरव्यू के दौरान अपने दिल की बात भी कही। उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट में कई राज्य क्रिकेट संघों का संचालन ढंग से नहीं हो रहा। सिर्फ दिल्ली ही नहीं। अन्य राज्यों में भी यही समस्या है।
सहवाग ने माना कि अंडर-19 और अंडर-16 में बदलाव की जरुरत है क्योंकि असली समस्या यहां होती है। यदि आप अधिक उम के खिलाड़ी का चयन करते हो तो यह एक समस्या है और इसकी पहचान करने की जरुरत है, पर अगर आपके पास बड़े नाम का खिलाड़ी है तो फिर यह समस्या नहीं।
संघ राज्यों में कोई भूमिका निभाने के सवाल पर उन्होंने साफ इंकार किया और इसे हितों के टकराव से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उनका हरियाणा में सहवाग इंटरनेशनल स्कूल है, वह उससे नहीं जुड़े हैं। लेकिन कभी कार्यक्रमों पर जाते हैं।